Chandigarh Mayor Election 2024: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में AAP-कांग्रेस गठबंधन को झटका, BJP के मनोज सोनकर बने मेयर

Last Updated 30 Jan 2024 04:01:21 PM IST

चंडीगढ़ के महापौर पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार मनोज सोनकर ने मंगलवार को कांग्रेस समर्थित आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार को हराकर जीत हासिल कर ली है।


सोनकर को 16 मत मिले जबकि कुमार के पक्ष में 12 मत आए। आठ मतों को अवैध घोषित कर दिया गया।



नतीजे घोषित होते ही विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (I.N.D.I.A) के घटक दल आप और कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर ‘धोखा’ देने का आरोप लगाया।

नवनिर्वाचित महापौर वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के पद पर चुनाव कराएंगे।

कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने महापौर पद के लिए प्रत्याशी खड़ा किया था। कांग्रेस ने वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर पदों के लिए अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद हो रहे चुनाव, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सदस्य कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के एक साथ चुनाव लड़ने के कारण महत्वपूर्ण हैं। दोनों दलों में हालांकि पंजाब में लोकसभा चुनावों के लिए सीटों की साझेदारी पर अभी सहमति नहीं बनी है।

चंडीगढ़ नगर निगम में 35 सदस्यीय सदन में भाजपा के 14 पार्षद हैं। आप के 13 और कांग्रेस के सात पार्षद हैं। शिरोमणि अकाली दल का एक पार्षद है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने दिनदहाड़े की गई “धोखाधड़ी” पर “गंभीर चिंता” व्यक्त की।

आगामी लोकसभा चुनावों के स्पष्ट संदर्भ में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि ये लोग महापौर चुनाव में इस स्तर तक गिर सकते हैं, तो वे राष्ट्रीय चुनावों में किसी भी हद तक जा सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “यह बहुत चिंताजनक है।”

महापौर चुनाव के लिये सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

अधिकारियों ने कहा कि नगर निगम भवन में चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ लगभग 700 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

मतदान मूल रूप से 18 जनवरी को होना था, लेकिन पीठासीन अधिकारी के बीमार पड़ने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे छह फरवरी तक के लिए टाल दिया था। प्रशासन ने उस समय भी कहा था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया था।

चुनाव टालने के प्रशासन के आदेश पर कांग्रेस और आप पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

कुलदीप कुमार ने चंडीगढ़ के उपायुक्त के चुनाव टालने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

उच्च न्यायालय ने 24 जनवरी के अपने आदेश में चंडीगढ़ प्रशासन को 30 जनवरी को सुबह 10 बजे महापौर पद के लिए चुनाव कराने का निर्देश दिया था। उसने चुनाव स्थगित करने के प्रशासन के 18 जनवरी के आदेश को "अनुचित, अन्यायपूर्ण और मनमाना" बताते हुए रद्द कर दिया।

उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि वोट डालने आने वाले पार्षदों के साथ किसी अन्य राज्य का कोई समर्थक या सुरक्षाकर्मी नहीं होगा।

अदालत ने कहा था कि चंडीगढ़ पुलिस पार्षदों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद नगर निकाय परिसर में या उसके आसपास कोई हंगामा या अप्रिय घटना न हो।
 

भाषा
चंडीगढ़


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