गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मारे गए 21 श्रमिकों का नाता मध्य प्रदेश से है। इन श्रमिकों के परिजनों की सहायता के लिए राज्य के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान बनासकांठा पहुंच चुके हैं।

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बनासकांठा में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगी थी और धमाके के साथ इमारत ढह गई थी। इस हादसे में 21 श्रमिकों की मौत हुई है, जिनका नाता मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिले से है।
राज्य सरकार ने गुजरात सरकार से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों के शव उनके गांव तक पहुंचाने के प्रयास तेज किए हैं। इसी क्रम में मंत्री नागर सिंह चौहान बनासकांठा पहुंचे हैं।
मंत्री नागर सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि यह दुखद घटना है, पीड़ित परिवारों के साथ राज्य सरकार है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मध्य प्रदेश की टीम यहां पहुंची है। मध्य प्रदेश की सरकार, गुजरात की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीड़ितों के साथ हैं। मुआवजा की घोषणा की गई है। काम करने के इच्छुक लोग जहां काम मिलता है, वहां जाते हैं। मध्य प्रदेश के लोग गुजरात और गुजरात के लोग काम की तलाश में मध्य प्रदेश आते हैं। काम की तलाश में मध्य प्रदेश के लोग यहां आए, दुखद घटना से उनका निधन हुआ है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय के लिए दुर्घटना स्थल बनासकांठा भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि संकट की इस दुखद घड़ी में हमारी सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ितों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी।
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