पंजाब में सरकारी बस कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी के तहत तरनतारन बस स्टैंड पर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारियों ने चक्का जाम करने का ऐलान किया है।

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इस दौरान इन सेवाओं की कोई भी बस संचालित नहीं होगी, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों की मुख्य मांग कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और वेतन में बढ़ोतरी है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक पूरे पंजाब में सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी नौकरी को स्थायी करने और बेहतर वेतन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कई बार आश्वासन दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
एक कर्मचारी नेता ने कहा, "हम पिछले कई सालों से इंतजार कर रहे हैं। सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब हम मजबूरन सख्त कदम उठा रहे हैं। 2 घंटे का चक्का जाम एक चेतावनी है, और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो तीन दिन की पूर्ण हड़ताल करेंगे, जिससे राज्य में बस सेवाएं ठप हो जाएंगी।"
हड़ताल के दौरान तरनतारन बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मजबूरी को समझा जाए, क्योंकि वे अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। प्रशासन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
कर्मचारियों की इस हड़ताल से पंजाब में परिवहन व्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। यूनियन ने सरकार से तत्काल वार्ता की मांग की है ताकि स्थिति को संभाला जा सके।
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