जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकवादियों के साथ बृहस्पतिवार को हुई मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया जहां पिछले चार दिन से आतंकवाद रोधी अभियान बड़े स्तर पर जारी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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यह मुठभेड़ आज सुबह उस समय हुई जब राजबाग के घाटी जुथाना इलाके में जखोले गांव के पास सुरक्षाबलों का सामना आतंकवादियों से हुआ। यह जगह हीरानगर सेक्टर में रविवार को हुई मुठभेड़ वाले स्थल से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।
अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त बल भेजा गया है और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक मुठभेड़ जारी थी।
माना जा रहा है कि ये आतंकवादी उसी समूह का हिस्सा हैं जो रविवार शाम को हीरानगर सेक्टर में आधे घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ के बाद भाग निकला था। पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने पाकिस्तानी सीमा के पास सान्याल गांव में एक पौधशाला में आतंवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद अभियान शुरू किया था।
सान्याल से डिंग अंब और उससे आगे के इलाकों में कई किलोमीटर तक आतंकवादियों की खोज में अभियान जारी है। तकनीकी और निगरानी उपकरणों से लैस सेना, एनएसजी, बीएसएफ, पुलिस, विशेष अभियान समूह और सीआरपीएफ के जवान इस अभियान में जुटे हैं और हेलीकॉप्टर, यूएवी, ड्रोन, बुलेटप्रूफ वाहन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।
माना जा रहा है कि शनिवार को ये आतंकवादी या तो नाले के रास्ते या सीमा पार से बनाई गई नयी सुरंग के जरिए भारत की सीमा में दाखिल हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने विशेष रूप से बिलावर जंगल की ओर जाने वाले मार्गों पर तलाश अभियान बढ़ाया और आतंकवादियों का पता लगाने में सफल रहे।
सोमवार को तलाशी दलों को हीरानगर में मुठभेड़ स्थल के पास एम4 कार्बाइन की चार मैगजीन, दो ग्रेनेड, एक बुलेटप्रूफ जैकेट, स्लीपिंग बैग, ‘ट्रैकसूट’, खाने-पीने के कई पैकेट और ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ बनाने के लिए सामग्री से भरे अलग-अलग पॉलीथीन बैग मिले।
पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात कठुआ में डेरा डाले हुए हैं और पिछले चार दिन से जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी की मौजूदगी में आतंकवाद रोधी अभियान का नेतृत्व करते देखे गए।
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