फरीदकोट में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता और पूर्व महासचिव परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने सुखबीर सिंह बादल पर अमृतसर के श्री दरबार साहिब परिसर में हमला करने के मामले में आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को जमानत मिलने पर आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
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परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने बुधवार सुबह अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि इस मामले की जांच में पंजाब पुलिस ने जानबूझकर कई खामियां छोड़ीं, जिसके कारण आरोपी को फायदा हुआ और कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
शिअद नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस ने भले ही आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन इसमें सुखबीर सिंह बादल का बयान शामिल नहीं किया गया। यह पंजाब पुलिस और राज्य सरकार की मंशा पर बड़े सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि इस चार्जशीट में शामिल आरोपी नारायण सिंह चौड़ा के बयान के मुताबिक, उसने पंजाब का माहौल खराब करने के लिए विदेश से भारी मात्रा में हथियार व अन्य सामग्री मंगवाई थी। फिर भी, ऐसे आरोपी को एक साजिश के तहत राज्य सरकार ने बचाने का प्रयास किया है।
बता दें कि अमृतसर जिला सत्र न्यायालय ने मंगलवार को सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाने के मामले में नारायण सिंह चौड़ा को जमानत दी थी। चौड़ा पर हत्या के प्रयास का आरोप था। उनके वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने मीडिया से बात करते हुए इस खबर की पुष्टि की।
गौरतलब है कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने की कोशिश की गई थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। हालांकि, गोली दीवार में लगने के कारण सुखबीर सिंह बादल सुरक्षित बच गए थे। इस दौरान मौके पर मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर नारायण सिंह चौड़ा को पकड़ लिया था। सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। उनकी सुरक्षा के लिए एक एआईजी, दो एसपी, दो डीएसपी समेत लगभग 200 पुलिसकर्मियों को सादी वर्दी में तैनात किया गया था।
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