Parliament Winter Session: संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा
संसद की सुरक्षा में चूक की घटना को लेकर दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों का हंगामा आज सोमवार को भी जारी है।
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संसद की सुरक्षा में चूक मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग खारिज किए जाने के बाद विपक्षी दलों ने सोमवार को राज्यसभा में हंगामा किया, जिस वजह से उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ होने के कुछ देर बाद ही 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वहीं संसद की सुरक्षा में चूक की घटना को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को विपक्षी दलों के हंगामे पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्पीकर होने के नाते संसद की सुरक्षा का दायित्व उनका है और 13 दिसंबर को जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना थी और यह सब की चिंता है।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "यह दुखद है कि इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है...सदन के वेल में आना और नारेबाजी करना सदन की गरिमा के खिलाफ है। मैं महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए आपसे (विपक्ष से) सहयोग का अनुरोध करता हूं।"
विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच बिरला ने कहा कि इस घटना पर सदन में भी सामूहिक रूप से चिंता व्यक्त की गई थी। सभी दलों के नेताओं के साथ विचार विमर्श में जो महत्वपूर्ण सुझाव आए थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सदन के भीतर हुई इस घटना की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है।
संसद की सुरक्षा में चूक की घटना को लेकर लोकसभा में प्रश्न सदन के दौरान विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 18, 2023
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "यह दुखद है कि इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है...सदन के वेल में आना और नारेबाजी करना सदन की गरिमा के खिलाफ है। मैं महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा… pic.twitter.com/UQ75rxJAIh
राज्यसभा की कार्यवाही 11.30 बजे तक के लिए स्थगित
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही सभापति जगदीप धनखड़ ने कुवैत के शासक अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निधन का उल्लेख किया और उसके बाद पूरे सदन ने कुछ क्षण मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत चर्चा कराने के लिए कुल 22 नोटिस मिले हैं लेकिन उन्होंने उन नोटिस को अस्वीकार कर दिया है। विपक्षी सदस्यों ने इसका विरोध किया और आसन से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का अवसर दिया जाए।
हालांकि, सभापति ने शून्य काल आरंभ कराया और इसके लिए पहले भारतीय जनता पार्टी की सदस्य कांता कर्दम और फिर कांग्रेस के प्रमोद तिवारी का नाम पुकारा।
तिवारी ने कहा कि वह महत्वपूर्ण मुद्दा उठाना चाहते हैं लेकिन पहले विपक्ष के नेता खरगे को बोलने का मौका दिया जाए।
सभापति ने जब खरगे को बोलने का मौका नहीं दिया तो विपक्षी सदस्य हंगामा और नारेबाजी करने लगे।
इसी दौरान, धनखड़ ने कुछ विपक्षी सदस्यों के आचरण पर आपत्ति जताई और सदन की कार्यवाही 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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