कोर्ट के हाथों में तेजस्वी का भविष्य, CM बनना तो दूर,छिन जाएगा पद और खत्म हो जाएगी विधायकी !
तेजस्वी यादव इस समय बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह चुके हैं कि आगामी 2025 के विधानसभा चुनाव में अगर महागठबंधन को बहुमत मिलता है तो बिहार के अगले मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही होंगे।
![]() Tejashwi Yadav Deputy Chief Minister Bihar |
नीतीश कुमार यह भी कह चुके हैं कि उन्हें ना तो बिहार का मुख्यमंत्री बनना है और ना ही प्रधानमंत्री बनना है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि तेजस्वी यादव जिस कानूनी पचड़े में फंसे हुए हैं, अगर उनमें से किसी भी मामले में सजा हो जाती है तो मुख्यमंत्री बनना तो दूर अभी वह जिस पद पर हैं, उस पद पर ही रहना मुशिकल हो जाएगा। उन्हें न सिर्फ उस पद से इस्तीफा देना पड़ेगा बल्कि उनकी विधायकी भी चली जाएगी।
ऐसे में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे, तेजस्वी यादव को एक बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि राहुल गांधी, संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दर्ज मानहानि जैसा मामला अब तेजस्वी यादव के खिलाफ भी गुजरात में दर्ज हो गया है। उनके खिलाफ मानहानि का मामला गुजरातियों को ठग कहने को लेकर दर्ज हुआ है। गुजरात की अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट में उस मामले की सुनवाई आगामी 22 सितंबर को होगी। कोर्ट की तरफ उन्हें समन भी जारी किया गया है। समन के मुताबिक तेजस्वी यादव को सशरीर कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।
पहले से ही सीबीआई की जांच झेल रहे तेजस्वी यादव के सामने निश्चित रूप से एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। तेजस्वी यादव का राजनैतिक ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने अपने पिता लालू यादव की राजनीतिक विरासत को अच्छी तरह से संभाल लिया है। साथ ही साथ महागठबंधन की तरफ से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनका पिता-पुत्र जैसा व्यवहार भी है, जो सार्वजनिक रूप से दिखाई भी पड़ता है।
दरअसल पिछले मार्च में तेजस्वी यादव ने मेहुल चौकसी का नाम लेते हुए एक भाषण दिया था। तेजस्वी यादव ने कहा था कि मेहुल चौकसी अरबों रुपयों का घोटाला करके विदेश भाग गया था। तेजस्वी के मुताबिक मेहुल चौकसी बहुत बड़ा ठग है। साथ ही साथ वह गुजराती भी है। अपने भाषण के दौरान बोलते-बोलते तेजस्वी यादव के मुंह से निकल गया कि गुजराती ठग होते हैं। उनका वह भाषण उस समय चर्चा का विषय बन गया था।
बिहार में दिए गए भाषण की गूंज गुजरात में सुनाई देने लगी थी। गुजरात के एक सामाजिक कार्यकर्ता हरेश भाई मेहता ने उनके खिलाफ अहमदाबाद की मेट्रो कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस तरह तेजस्वी यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज हो गया था। मामले की सुनवाई भी शुरू हो गई है। अब तक इस मामले में 15 लोगों की गवाही भी हो चुकी है।
आगामी 22 सितंबर को तेजस्वी यादव को अहमदाबाद की मेट्रो कोर्ट में हाजिर होकर अपना बयान दर्ज करवाना है। यहां बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भी गुजरात में मानहानि के मुकदमे दर्ज हुए हैं। अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई अभी कोर्ट में चल रही है, जबकि राहुल गांधी को उसे मामले में 2 साल की सजा भी सुना दी गई थी।
उस सजा के बाद राहुल गांधी की सांसदी चली गई थी, जबकि दिल्ली स्थित उनका सरकारी आवास भी उनसे छीन लिया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद राहुल गांधी की सजा पर रोक लग गई है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी भी जारी है। अगर सुप्रीम कोर्ट उनकी सजा को कम करता है तो राहुल गांधी की सांसदी बची रहेगी और वो 2024 का लोकसभा चुनाव चुनाव लड़ लेंगे, लेकिन उनकी सजा बरकरार रहती है तो अगले 6 साल तक वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। राहुल गांधी जैसी स्थिति कमोबेश तेजस्वी यादव की भी है।
उनके खिलाफ भी आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में अहमदाबाद की कोर्ट को तय करना है कि तेजस्वी यादव को क्या सजा सुनाना है। अगर उन्हें कोर्ट से 2 साल की सजा हो जाती है तो उन्हें तुरंत उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। साथ ही साथ उनकी विधानसभा की सदस्यता भी चली जाएगी। ऐसे में न सिर्फ इंडिया गठबंधन को एक झटका लगेगा बल्कि बिहार में महा गठबंधन के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो जायेंगी। हालांकि आगामी लोकसभा के चुनाव में अभी 6-7 महीने का वक्त बाकी है।
अगर उसके पहले तेजस्वी यादव पर कोर्ट का फैसला आ जाता है तो लोकसभा चुनाव से पहले ही तेजस्वी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव और बिहार के 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव की भूमिका को लेकर महागठबंधन के बीच चर्चा होती रहेगी। कुलमिलाकर इस समय तेजस्वी यादव के राजनैतिक भविष्य का फैसला अहमदाबाद की मेट्रो कोर्ट ही तय करेगी।
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