PM Modi BIMSTEC Summit: तनावपूर्ण संबंधों के बीच बैंकॉक में PM मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बैंकॉक में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। पिछले साल अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है।
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दोनों नेताओं ने बहु-क्षेत्रीय और तकनीकी सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल (बिम्सटेक) समूह के नेताओं की शिखर बैठक से इतर यह मुलाकात की।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।
#WATCH | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने थाईलैंड के बैंकॉक में बैठक की। pic.twitter.com/vzkxfzC6LT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 4, 2025
बांग्लादेश बिम्सटेक समूह का आगामी अध्यक्ष है।
पिछले साल अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ देने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास आ गयी थी।
दोनों नेताओं के बीच यह बैठक इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि हाल ही में यूनुस चीन की यात्रा करके लौटे हैं। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख बनने के बाद से यूनुस का रवैया चीन के प्रति खासा नरम रहा है।
पिछले सप्ताह चीन की यात्रा के दौरान यूनुस ने बीजिंग से बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने को कहा और विवादास्पद रूप से इस बात का उल्लेख किया कि इस संबंध में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का चारों ओर जमीन से घिरा होना एक अवसर साबित हो सकता है।
यूनुस ने कहा था, ‘‘भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य चारों ओर से जमीन से घिरे क्षेत्र हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।’’
बांग्लादेश को इस क्षेत्र में ‘‘महासागर का एकमात्र संरक्षक’’ बताते हुए यूनुस ने कहा कि यह एक बड़ा अवसर हो सकता है और चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार किया जा सकता है।
भारत ने इस टिप्पणी की निंदा की थी और बांग्लादेश के अधिकारियों ने यूनुस के बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया था।
बुधवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने यह संकेत दिया था कि बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकात हो सकती है। रोहिंग्या और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि खलीलुर रहमान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने भारत से यह वार्ता (दोनों देशों के नेताओं के बीच) आयोजित करने का अनुरोध किया है... इस बैठक के होने की पर्याप्त संभावना है।"
तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर यूनुस को पत्र लिखा था। उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में यह पत्र लिखा और दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने रविवार (30 मार्च) को मस्कट में हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों के अपने समकक्षों के साथ कई बैठकें कीं।
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