'बॉलीवुड फिल्मों में नहीं गाऊंगी'
प्रख्यात शास्त्रीय गायिका किशोरी अमोनकर कहती हैं कि वह फिर कभी उसे रास्ते पर नहीं गुजरेंगी.
![]() |
पद्म विभूषण से सम्मानित किशोरी ने योगराज सिद्धनाथ की सारेगामा द्वारा निकाली गई एलबम 'ऋषि गायत्री' के लोकार्पण के अवसर पर कहा, "मैं शब्दों और धुनों के साथ प्रयोग करना चाहती थी और देखना चाहती थी कि वे मेरे स्वरों के साथ कैसे लगते हैं.
बाद में मैंने यह सिलसिला तोड़ दिया क्योंकि मैं स्वरों की दुनिया में ज्यादा काम करना चाहती थी. मैं अपनी गायकी को स्वरों की एक भाषा कहती हूं."
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैं फिल्मों में दोबारा गाऊंगी. मेरे लिए स्वरों की भाषा बहुत कुछ कहती हैं.
यह आपको अद्भुत शांति में ले जा सकती है और आपको जीवन का बहुत सा ज्ञान दे सकती है. इसमें शब्दों और धुनों को जोड़ने से स्वरों की शक्ति कम हो जाती है."
ख्याल गायकी, ठुमरी और भजन गाने में विशेषज्ञता प्राप्त किशोरी की अब तक 'प्रभात', 'समर्पण' और 'बॉर्न टू सिंग' सहित कई एलबम जारी हो चुकी हैं.
वह कहती हैं, "संगीत का मतलब स्वरों की अभिव्यक्ति है. इसलिए यदि सही भारतीय ढंग से इसे अभिव्यक्त किया जाए तो यह आपको असीम शांति देता है."
Tweet![]() |