परमाणु करार पर सोनिया ने भाजपा की आलोचना की

Last Updated 24 Apr 2009 07:25:53 PM IST


जेतपुर। सत्ता में आने पर भारत अमेरिका परमाणु करार रद्द नहीं करने संबंधी लालकृष्ण आडवाणी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज भाजपा पर इस मुद्दे पर अपना रूख बदलने का आरोप लगाया। सोनिया ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा अब वे ‘भाजपा’ कह रहे हैं कि उनके लिये परमाणु करार स्वीकार्य है। ये वही लोग हैं जिन्होंने इसी मुद्दे पर दिनों और महीनों तक संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी थी। प्रधानमंत्री पद के भाजपा उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो हम परमाणु करार रद्द नहीं करेंगे क्योंकि हम यह समझते हैं कि ऐसा करना आसान नहीं र्हैं। आडवाणी ने कहा था आखिरकार यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है और उस पर दो देशों तथा उनकी सरकारों के बीच हस्ताक्षर हुए हैं। आतंकवाद पर सोनिया ने कहा जो हमारी ओर उंगली उठा रहे हैं उन्हें उनके कार्यकाल के दौरान हुई आतंकवादी घटनाओं को लेकर आत्मनिरीक्षण करना चाहिये। मुंबई के आतंकवादी हमलों के बाद हमारी नीति के कारण ही पाकिस्तान ने पहली बार यह स्वीकार किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल हमारे खिलाफ आतंकवाद के लिये हुआ। सोनिया ने नैनो कार परियोजना के लिये ऋण देने का मुद्दे का भी उठाया लेकिन उन्होंने टाटा या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लिया। मोदी ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष को राज्य में आने से पहले होमवर्क कर लेना चाहिये। सोनिया ने कहा सरकार ने यहां एक उद्योग को करोडों रुपये का कर्ज दिया जिसे उसे 20 वर्ष बाद लौटाना होगा। लेकिन वे किसानों को नजरअंदाज कर रहे हैं। गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने टाटा कंपनी को नैनो कार परियोजना पश्चिम बंगाल के सिंगूर से अपने राज्य में स्थानांतरित करने के लिये कर्ज दिया है जिसे उसे 20 वर्ष बाद लौटाना होगा। सोनिया ने कहा हमें उद्योगों की स्थापना से कोई समस्या नहीं है लेकिन जब किसानों को नजरअंदाज किया जाता है तो मुझे दुख महसूस होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार संप्रग सरकार की कर्ज माफी योजना का बीते दो वर्ष से कार्यान्वयन नहीं करने के बहाने ढूंढ रही है। कई स्थानीय मुद्दे उठाते हुए सोनिया ने मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि नर्मदा बांध की नहरों का निर्माण अपूर्ण है राज्य सरकार मंदी के कारण अपना रोजगार खो चुके हीरा कर्मियों की उपेक्षा कर रही है सुजलाम् सुफलाम् जल परियोजना में भ्रष्टाचार हुआ है और स्थानीय उद्योग बंद हुए हैं।



Post You May Like..!!

Latest News

Entertainment