तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने मंगलवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को वापस लिया जाए क्योंकि इसे लेकर मुस्लिम समुदाय में घोर आक्रोश है।

|
उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाया। इस दौरान आसन पर जगदंबिका पाल मौजूद थे जिन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली संसद की संयुक्त समिति की अध्यक्षता की थी।
तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य रॉय ने कहा, ‘‘वक्फ विधेयक को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया जा रहा है। एक मुस्लिम संगठन ने बिहार के मुख्यमंत्री के इफ्तार का बहिष्कार करने का फैसला किया...ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉड बोर्ड ने भी प्रस्तावित कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है क्योंकि यह मुस्लिमों के अधिकार छीनने वाला है।’’
रॉय ने कहा, ‘‘आप (पाल) वक्फ समिति के अध्यक्ष रहे हैं। मेरी मांग है कि इस मुस्लिम विरोधी (प्रस्तावित) कानून को वापस लिया जाए।’’
पाल ने कहा कि वक्फ विधेयक सदन में अब तक लाया ही नहीं गया है तो फिर आप इस पर कैसे चर्चा कर सकते हैं।
उन्होंने रॉय से कहा कि समाचार पत्रों की खबरों के आधार पर उन्हें सदन में अपनी बात नहीं रखनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस सांसद सयानी घोष ने शून्यकाल के दौरान कहा कि नई श्रम संहिता का कोई क्रियान्वयन नहीं किया गया और इसे पूरी तरह से जमीन पर लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि सप्ताह में पहले से तय कामकाजी घंटे पर अमल होना चाहिए और इसमें बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए।
| | |
 |