मुख्य सचिव अंशु प्रकाश हमला मामला : : पांच मिनट की चुप्पी : दिनभर गहमागहमी

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मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमले से दिल्ली सरकार के वरिष्ठ व कनिष्ठ सभी स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए विरोध तेज कर दिया है.

दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय के समक्ष दूसरे तल पर 1.30 बजे सभी कर्मचारी एकत्र हुए व पांच मिनट का मौन धारण किया. सभी कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप पूरे दिन काला बिल्ला लगाए रखा. केजरीवाल बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय से अनुपस्थित रहे.
सचिवालय में 1.30 बजे मौन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया कि अधिकारियों का अपमान नहीं सहन किया जाएगा व इस लड़ाई को निर्णायक दौर तक ले जाना होगा. अधिकारियों के साथ प्रधान गृह सचिव मनोज परीदा उपस्थित थे. यह विरोध सभी डीएम कार्यालय, जल बोर्ड, शिक्षा विभाग व आबकारी विभाग के कार्यालयों में एक साथ किया गया. 
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में आईएएस एसोसिएशन के साथ 21 कर्मचारी एसोसिएशन खड़ी हो गई हैं जिसमें शिक्षक, जल बोर्ड व परिवहन विभाग के कर्मचारी भी शामिल होंगे. अब शुक्रवार को 22 एसोसिएशन एक साथ 1.30 बजे विरोध जताएंगी जिसे संभालना सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा. सभी 22 एसोसिएशन ने नए बैनर का नाम ज्वाइंट काउंसिल ऑफ ऑल इम्प्लाइज आर्गनाइजेशन ऑफ दिल्ली रखा है. डीएन सिंह को इसका अध्यक्ष चुना गया है. सिंह दास काडर की यूनियन के अध्यक्ष हैं लेकिन अब 22 कर्मचारी संघों के संयुक्त बैनर को मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन में नेतृत्व करेंगे.

नाराज आईएएस और दानिक्स अधिकारियों समेत दिल्ली सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सरकार की राजनीतिक कार्यपालिका द्वारा विश्वास तोड़ने पर अपनी खिन्नता प्रकट करने के लिए बृहस्पतिवार को पांच मिनट का मौन रखा. यह प्रक्रिया प्रतिदिन 1.30 बजे दोहराई जाएगी. आईएएस, दिल्ली अंडमान एवं निकोबार द्वीप सिविल सेवा (दानिक्स) एवं दिल्ली प्रशासन अधीनस्थ सेवा (दास) के एसोसिएशनों ने तय किया है कि सभी कार्यदिवसों पर भोजनावकाश के दौरान करीब डेढ़ बजे अपने कार्यालयों के बाहर पांच मिनट का मौन रखेंगे. प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन से सरकार व मंत्रियों पर लगातार दबाव बना रहेगा.