खालिस्तानी आतंकी अटवाल को कैसे मिला वीजा? जांच कर रहा विदेश मंत्रालय

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सरकार इन तथ्यों का पता लगा रही है कि दोषी करार दिए गए खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल को भारत आने का वीजा कैसे मिला. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने आज यह जानकारी दी.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कनाडाई उच्चायुक्त नादिर पटेल ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के लिए अटवाल को आमंत्रित किया.

उच्चायोग ने बाद में कहा कि अटवाल का आमंत्रण रद्द कर दिया गया था.

कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसके दो पहलु हैं. एक उसका कार्यक्रम में उपस्थिति को लेकर है जिस पर कनाडाई पक्ष को गौर करना है. उन्होंने कहा है कि यह चूक थी और इस वजह से आज के रात्रिभोज के लिए आमंत्रण वापस ले लिया गया है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘वीजा के बारे में, मैं तत्काल नहीं कह सकता कि यह कैसे हुआ. लोगों के भारत में आने के कई तरीके हैं, आप भारतीय नागरिक हैं या ओसीआई कार्डधारक. हम अपने मिशन से ब्यौरे का पता कर रहे हैं. हमें देखना होगा कि यह कैसे हुआ.’’

अटवाल को 1986 में पंजाब के तत्कालीन मंत्री मलकीत सिंह सिधु की वैंकुवर में हत्या का प्रयास करने का दोषी ठहराया गया है.