बोर्ड परीक्षा टिप्स: अपनाएं ये तरीके, लाएं अच्छे मार्क्स

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दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं जिनके नतीजों पर काफी हद तक युवाओं के भावी कॅरियर का निर्माण निर्भर करता है. यही कारण है कि छात्र-छात्राएं बोर्डस में अच्छे नंबर लाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते.

साल भर मौज-मस्ती करने वाले छात्र भी परीक्षा शुरू होने से पहले गंभीर हो जाते हैं. परीक्षाओं से पहले और परीक्षा के दौरान कुछ सावधानी बरती जाये और विशेषज्ञों के सुझावों के अनुरूप तैयारी कर प्रश्नों के उत्तर दिये जायें तो अधिक अंक बटोरे जा सकते हैं. परीक्षा के संबंध में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों की राय कुछ इस तरह है.

अंग्रेजी और हिंदी- उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट लिखावट,छोटे वाक्यों का प्रयोग, प्रश्नपत्र के अनुसार निर्देशों का पालन करते हुए शब्द सीमा में उत्तर लेखन, वर्तनी (स्पेलिंग) की अशुद्धियाँ नहीं होना आदि से एग्जामिनर पर अच्छा  इम्प्रेशन पड़ता है और नम्बर देने में वह कंजूसी नहीं करता. काम्प्रिहेंशन(अनुच्छेद) से सम्बंधित प्रश्न करने से पहले दिए गए पैराग्राफ को अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए और साथ-साथ प्रश्नों के अनुसार संभावित उत्तर को रेखांकित करते रहना चाहिए. इससे उत्तर लेखन में समय की बचत होती है. फार्मेट को ध्यान में रखकर उत्तर लिखें.

गणित-उत्तर पुस्तिका में प्रश्न/समीकरण सही-सही लिखें और फिर उसे हल करें. गणना संबंधित रफवर्क अवश्य दर्शायें. उत्तर में यूनिट्स/इकाइयों को लिखना न भूलें. काट-छांट करने से बचें. फामरूला का उल्लेख अवश्य करें. प्रत्येक स्टेप के अनुसार अंक निर्धारित होते हैं इसलिए स्टेप्स लिखने में कोताही नहीं करें. पेन्सिल से ग्राफ बनाने के साथ सही लेबलिंग करें. 

साइंस-केमिस्ट्री,फिजिक्स और बायोलोजी जैसे प्रश्न पत्रों में अंकों के मान के अनुसार ही उत्तर लिखें. एनसीईआरटी की टेक्स्ट बुक्स के प्रश्नों और उदाहरणों को अवश्य पढ़कर जाएँ.

प्रश्न पत्र मिलने के बाद किन प्रश्नों के उत्तर लिखने हैं उनका सीक्वेंस तय कर लें. परिभाषाओं को शब्दश: लिखने का प्रयास करें. डायग्राम पेन्सिल से साफ़-साफ़ बनाएं. न्यूमेरिकल्स में फार्मूलों को पहले लिखें और फिर सही तरह से उनका इस्तेमाल करें.  गणना की जांच दो बार अवश्य करें.

सामाजिक विज्ञान-इतिहास/भूगोल और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में बिन्दुवार उतर लिखें. समय और शब्द सीमा को नहीं भूलें. एनसीआरटीई की टेक्स्ट बुक्स को कम से कम एक बार अवश्य पढ़ कर जाएँ. इतिहास में महत्वपूर्ण नाम और तिथियों का उल्लेख अवश्य करें. भूगोल में मानचिा पर स्थानों का रेखांकन स्पष्ट होना चाहिए.

परीक्षा की तैयारी करते और पेपर देते समय निम्न बातों का अवश्य ध्यान रखें...
 

लिखकर पढ़ाई करने से काफी कुछ याद रहता है. इसलिए पॉइंट बनाकर लिखने और पढाई करने से फायदा मिल सकता है.

सुबह के समय पढ़ाई अवश्य करें. फ्रेश दिमाग से पढाई करने पर ज्यादा समझ आता है.

परीक्षा से पहले प्रत्येक विषय के कम से कम पांच सैम्पल पेपर्स अवश्य हल करें, हो सके तो टीचर्स से जांच भी करवा लें ताकि गलतियों के बारे में समय रहते पता चल सके.

अगर नोट्स नहीं बनाएं है तो टेक्स्ट बुक्स में महत्वपूर्ण अंशों को अवश्य रेखांकित कर लें ताकि परीक्षा से पहले पुनरावृति करने में कम समय लगे.

परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्रों में प्रत्येक खंड में दिए गए निर्देशों को भली प्रकार से समझने के बाद लिखने की शुरुआत करें.

प्रश्नों के अंकों के महत्त्व के अनुसार शब्द सीमा में रहकर उत्तर लिखें.

समय प्रबंधन इस प्रकार से करें कि अंत में दस मिनट का समय पुनरावृति(रिविजन) के लिए अवश्य मिल जाए.

किसी भी प्रश्न को बिलकुल छोड़ देना समझदारी नहीं होगी, जितना भी आपको उस कांसेप्ट के बारे में पता हो अवश्य लिखें. कुछ अंक तो मिल ही जायेंगे.