भारत-भूटान के विशेष संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे : सुषमा

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विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से भारत और भूटान के विशेष संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं, साथ ही हमारे समक्ष यह प्रदर्शित करने का अवसर है कि इस अनोखे गठजोड़ को और प्रगाढ़ कैसे बनाया जा सकता है.

भारत और भूटान के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित एक विशेष समारोह में सुषमा स्वराज ने यह बात कही. विदेशमंत्री ने कहा, यह संयोग है कि आज के ही दिन भूटान नरेश का जन्मदिन भी है. इस अवसर पर समारोह में भूटान के विदेशमंत्री ल्योनोपो दामचो दोरजी और भारत में भूटान के राजदूत जनरल वी नामग्याल भी मौजूद थे. सुषमा स्वराज ने कहा, भारत और भूटान करीबी मित्र और सहयोगी है और भूटान द्वारा आर्थिक विकास एवं लोगों की खुशहाली के लिए किए गए कार्यों को देख हम हषिर्त हैं. हम राष्ट्र निर्माण में भूटान के प्रयासों में सही अथरे में सहयोगी हैं.

उल्लेखीय है कि भारत और भूटान के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह कार्यवम ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब डोकलाम में कुछ समय पहले भारत और चीन के बीच गतिरोध समाप्त हुआ था और एक बार फिर चीनी पक्ष की ओर से वहां हलचल की खबरें आ रही हैं. सुषमा ने कहा, हम भूटान के साथ अपने विशेष और अभूतपूर्व संबंधों का गौरव करते हैं जो साझे मूल्यों एवं आकांक्षाओं तथा आपसी विास एवं सम्मान की भावना पर आधारित है. यह दोनों देशों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक सम्पकरे के कारण विशिष्ठ है.

विदेशमंत्री ने गुवाहाटी में भूटान का वाणिज्य दूतावास खोले जाने का भी जिव किया और कहा कि इससे दोनों देशों के सम्पर्क तथा सहयोग और मजबूत बनेंगे. भूटान के विदेशमंत्री ल्योनोपो दामचो दोरजी तीन दिन की यात्रा पर कल यहां पहुंचे. दोरजी की इस यात्रा में दोनों पक्षों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को गहरा करने के तरीकों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे.