4 धाम परियोजना को 1384 करोड़ मंजूर

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सरकार ने मंगलवार को केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री को जोड़ने वाली चार धाम संपर्क मार्ग परियोजना के तहत एक सुरंग के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. 

इसकी लागत 1384 करोड़ रुपए होगी. इसके अलावा सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिये.
इस सुरंग से धरासु से यमुनोत्री की दूरी करीब 20 किलोमीटर कम हो जाएगी और आने-जाने में एक घंटे की बचत होगी. सडक, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में निर्णय लिया गया.

राजमार्ग परियोजना : सरकार ने कर्नाटक में बेंगलुरू-मैसुरू को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 275 के एक खंड को अधिक चौड़ा बनाने की लिए 2920 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी.

कोयले का उत्खनन व व्यापार कर सकेंगी निजी कंपनियां: सरकार ने कोयला उत्खनन क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश को मंजूरी दे दी. अब ये कंपनियां कोयला निकाल कर उसका व्यापार कर सकेंगी. कोयला क्षेत्र के 1973 में राष्ट्रीयकरण के बाद यह प्रमुख बाजारवादी सुधार माना जा रहा है. 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि कोयला ब्लाकों को अब ई-नीलामी के जरिए घरेलू एवं विदेशी खनन कंपनियों को बेचा जा सकेगा. 

गोयल ने कहा कि सीसीईए ने कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम-2015 और खान एवं खनिज (विकास एवं विनिमय) अधिनियम 1957 के तहत कोयला खदानों और कोयला प्रखंडों के आवंटन के तौर-तरीकों को भी मंजूरी दी. 

अब बड़े, मध्यम एवं छोटे कोयला खदान ब्लाक निजी कंपनियों के लिए उपलब्ध होंगे. इससे सुनिश्चित कोयला आपूर्ति, जिम्मेदारी भरे आवंटन तथा किफायती दर के कारण ऊर्जा सुरक्षा बेहतर होगी.

दो रेल लाइनों के दोहरीकरण व विद्युतीकरण को मंजूरी: सरकार ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर-सुगौली और सुगौली-वाल्मीकि नगर, झांसी-माणिकपुर और भीमसेन खैरार तथा भटनी-औनिहार रेल लाइनों के दोहरीकरण तथा विद्युतीकरण की मंजूरी दी है. 

साथ ही ओड़िशा के जैपुर से मलकानगिरि खंड में नई रेल लाइन बिछाने व विद्युतीकरण को भी मंजूरी दी है.