पीएनबी घोटाला : विपुल अंबानी सहित पांच गिरफ्तार

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सीबीआई ने 11,400 करोड रूपये के कथित पीएनबी घोटाले में पहली हाई प्रोफाइल गिरफ्तारी की. अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने नीरव मोदी फायरस्टार डायमंड के अध्यक्ष वित्ती विपुल अंबानी को गिरफ्तार किया.

विपुल अंबानी भाईयों मुकेश और अनिल अंबानी के संबंधी हैं. उनसे रविवार से पूछताछ की जा रही थी. एजेंसी के साथ ‘सहयोग’ नहीं करने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया.
11,400 करोड रूपये के कथित पीएनबी घोटाला मामले के दो मुख्य आरोपी नीरव मोदी तथा मेहुल चोकसी देश छोड कर जा चुके हैं.
अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में दर्ज अपनी दो प्राथमिकियों के सिलसिले में जांच एजेंसी ने चार अन्य वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया.
अंबानी को कार्यपालक सहायक कविता मानकीकर तथा वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारी अजरुन पाटिल के साथ, सीबीआई द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया. इस प्राथमिकी के तहत, 6,498 करोड रूपये मूल्य के 150 ‘‘लैटर्स ऑफ अंडरटेंकिंग’’ एलओयू की जांच की जा रही है.
एलओयू वह गारंटी होता है जो जारीकर्ता बैंक उन भारतीय बैंकों को आवेदक को अल्पकालिक रिण देने के लिए देता है जिनकी विदेशों में शाखाएं हैं.

मानकीकर तीन कंपनियों-- डायमंड आर यूएस, स्टेलर डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स में भी महत्वपूर्ण पदाधिकारी हैं. तीनों कंपनियां 31 जनवरी को जांच एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध हैं.
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी में हीरा व्यापारी नीरव मोदी, उसकी पत्नी एमी, भाई निशाल और उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी के नाम बतौर आरोपी हैं.
ये सभी लोग जनवरी के पहले सप्ताह में देश छोड कर जा चुके हैं.
सूत्रों ने बताया कि शेष दो व्यक्ति कपिल खंडेलवाल और नितेन शाही को जांच एजेंसी द्वारा दर्ज दूसरी प्राथमिकी के सिलसिले में आज गिरफ्तार किया गया. दूसरी प्राथमिकी जांच एजेंसी ने 15 फरवरी को चोकसी तथा उसकी तीन कंपनियों के खिलाफ दर्ज की थी.
इस मामले में जांच 4,886 करोड रूपये के 143 एलओयू पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों द्वारा फर्जी तरीके से जारी किए जाने को लेकर की जा रही है.
खंडेलवाल नक्षत्र समूह और गीतांजलि समूह के सीएफओ तथा शाही गीतांजलि समूह के मैनेजर हैं.
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने आज पंजाब नेशनल बैंक के एक कार्यकारी निदेशक तथा नौ अन्य अधिकारियों से 11,400 करोड रूपये मूल्य की गारंटी मोदी तथा चोकसी को जारी किए जाने के सिलसिले में पूछताछ की. 
इस बीच, सीबीआई ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी को 11,400 करोड रूपये की फर्जी गारंटी जारी किए जाने के सिलसिले में पंजाब नेशनल बैंक के एक कार्यकारी निदेशक तथा नौ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आज पूछताछ की.
अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
आयकर अधिकारियों ने चोकसी से संबद्ध 20 परिसरों पर छापे भी मारे.
प्रवर्तन निदेशालय की जांच आज छठे दिन भी जारी रही. एजेंसी के प्रमुख कर्नल सिंह ने वैिक धन शोधन एजेंसियों की एक बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रांस का अपना निर्धारित दौरा रद्द कर दिया ताकि वह जांच की निजी तौर पर निगरानी कर सकें.
ईडी के एक अधिकारी ने बताया ‘‘मोदी और चोकसी से संबद्ध 13 परिसरों की तलाशी के दौरान करीब 10 करोड रूपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई.’’
एक अधिकारी ने बताया कि दूसरी ओर सीबीआई ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों के आठ वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारियों तथा गीतांजलि समूह के दस अधिकारियों से पूछताछ की. 
पीएनबी के तीन अधिकारियों.. बेचू तिवारी, यशवंत जोशी और प्रफुल सावंत को कल गिरफ्तार किया गया था. उनसे पूछताछ में पता चला कि ये लोग पूरी जालसाजी का जिम्मा अपने सहयोगियों.. गोकुल दास शेट्टी सेवानिवृत्त अधिकारी और मनोज खरात पर मढने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें पहले ही गिरफ्तार किया गया था.
बहु-एजेंसी जांच के तहत आयकर विभाग ने आज गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर चोकसी से संबद्ध 20 परिसरों तथा उनसे जुडी कंपनियों पर छापा मारे. ये छापे कर चोरी के एक मामले के सिलसिले में मारे गये.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापे मुंबई, पुणे, सूरत, हैदराबाद, बेंगलुरू और कुछ अन्य शहरों में चोकसी से जुडी 13 कंपनियों में मारे गए.
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के 110 से अधिक अधिकारियों के दल ने कुल 20 परिसरों पर छापे मारे.