उज्ज्वला में अति गरीबों को तलाशने की मुहिम शुरू

,

उज्ज्वला योजना के जरिए गरीबों के घर-घर तक पैठ बनाने में कामयाबी हासिल करने के बाद अब सरकार ने अति गरीबों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर दी है. 

गरीबों को नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन देने की मुहिम में शामिल अति गरीबों की सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अबकी बार की उज्जवला में वनवासी से लेकर चाय बागान तक के परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देना है. लिहाजा वन विभाग और चाय बागान बोर्ड आदि से ऐसे लाभार्थियों की सूची जुटाई जाएगी. इस प्रक्रिया में तेल वितरण कंपनियों को लगाया जाएगा.  उधर, जिस तरह से एलपीजी कनेक्शनों को दूरदराज इलाकों में दिया जा रहा है वहां जल्दी सिलेंडर पहुंचाने के लिए नए वितरकों की नियुक्ति की जा रही है.

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही उज्जवला योजना में अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ गरीबों को एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं. करीब डेढ़ करोड़ एलपीजी कनेक्शन और दिए जाने हैं. यह वे लाभार्थी हैं जो कि बीपीएल श्रेणी में आते हैं और इनका आंकड़ा 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर लिया गया है. हालांकि सरकार ने यह पांच करोड़ एलपीजी कनेक्शन देने की संख्या में वृद्धि कर आठ करोड़ कर दिया है.

नए तीन करोड़ एलपीजी कनेक्शन अति गरीबों को दिए जाने हैं, जो कि जंगलों और वन क्षेत्रों में आदि में काम करते हैं. लिहाजा उज्जवला के विस्तारित योजना में अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति परिवार, वनवासी, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग, द्वीपों पर रहने वाले, चाय बगानों में रहने वालों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अंत्योदय योजना के लाभार्थियों को शामिल किया गया है. मंत्रालय ने ऐसे लाभार्थियों को सूचीबद्ध करने के लिए उन्हें तलाशने का काम शुरू कर दिया है.

सूत्रों के अनुसार उज्जवला योजना के तहत 2018-19 तक पूर्व में निर्धारित बीपीएल परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिया जाना है, लेकिन इसी के साथ विस्तारित योजना के भी लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन सामान्तर रूप दिए जाने हैं. इसको लेकर जंगल में रहने या काम करने वाले वनवासियों की सूची वन विभागों से, चाय बगानों में काम करने वाले लाभार्थियों की चाय बगान बोर्ड से और अन्य श्रेणी के लाभार्थियों को अन्य संबंधित विभागों से जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

इस कार्य में तेल वितरण कंपनियों के जरिये ऐसे लाभार्थियों को सूची जुटायी जा रही है ताकि कुछ महीनों के बाद लाभार्थियों को कनेक्शन दिए जाने का काम शुरू हो जाए. इसी क्रम में जिस तरह से बड़ी संख्या में एलपीजी कनेक्शन वितरित किये जाने हैं उस लिहाज सिलेंडर आपूर्ति के लिए भी नए वितरक बनाये जा रहे हैं. उज्जवला योजना के तहत पांच करोड़ नए कनेक्शन और सामान्य लोगों के पांच करोड़ नए कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा था. अब विस्तारित उज्जवला योजना के तहत तीन करोड़ नए कनेक्शन दिए जाने हैं.

इस तरह एक-दो  वर्षो में दस करोड़ नए एलपीजी कनेक्शन बढ़ जाएंगे. लिहाजा जिस से मंत्रालय नये एलपीजी कनेक्शन दे रहा है उस तरह से सामान्तर रूप से एलपीजी वितरक बढ़ाये जा रहे हैं. 6150 नए एलपीजी सिलेंडर वितरक बनाने का लक्ष्य रखा गया था. उनमें से करीब पांच हजार नये वितरक बन गये हैं और एक-दो वर्ष के भीतर इसका लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद देश में 25 हजार एलपीजी सिलेंडर वितरक हो जाएंगे और दूरदराज इलाकों तक निर्धारित समय में सिलेंडर पहुंचना आसान हो जाएगा.