भारत प्रौद्योगिकी का फायदा उठाने की बेहतर स्थिति में: प्रधानमंत्री

,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत एक सर्वाधिक प्रौद्योगिकी अनुकूल आबादी वाला देश है और यह प्रौद्योगिकी का फायदा उठाने की बेहतर स्थिति में है.

उन्होंने कहा कि देश सभी क्षेत्रों में डिजिटल नवाचार के लिए प्रमुख जगह है. उन्होंने कहा कि इसमें सिर्फ उद्यमियों की संख्या ही नहीं बढ़ रही है, बल्कि प्रौद्योगिकी नवाचारों के लिए बाजार भी बढ़ रहा है.

वह हैदराबाद में वर्ल्ड कांग्रेस ऑन इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (डब्ल्यूसीआईटी) 2018 का उद्धाटन कर रहे थे. उन्होंने नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रतिनिधियों को संबोधित किया.

उन्होंने कहा, "एक लाख गांवों के ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ने, 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन, 120 करोड़ आधार व 50 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ताओं के साथ भारत प्रौद्योगिकी से लाभ लेने की बेहतरीन स्थिति में है."

उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि हर नागरिक का सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के साथ डिजिटल इंडिया डिजिटल सामवेशन लाने की एक यात्रा है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "कुछ सालों पहले इस तरह से समग्र रूप से प्रौद्योगिकी का फायदा उठाने के बारे में नहीं सोचा जा सकता था. हमने बीते साढ़े तीन सालों में इस चक्र को सफलतापूर्वक पूरा किया है. यह लोगों के व्यवहार और प्रक्रिया में बदलाव की वजह से संभव हुआ है."

मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया महज सरकारी पहल भर नहीं है, बल्कि यह जीवन का तरीका बन चुका है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया के सम्मिलन के साथ एक लंबा सफर तय किया है.

उन्होंने कहा, "भारत में 2014 में सिर्फ दो मोबाइल फैक्ट्रियों से आज 118 मोबाइल विनिर्माण की कंपनियां अपना परिचालन कर रही है, इसमें कुछ वैश्विक ब्रांड भी शामिल हैं."

 

उन्होंने कहा कि हर घर तक डिजिटल साक्षरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता मिशन के तहत ग्रामीण भारत के छह करोड़ वयस्कों को साक्षर करेगी. इसके तहत एक करोड़ लोगों को पहले ही प्रशिक्षित किया गया है.

उन्होंने कहा कि बीते महीने भीम एप से 15,000 करोड़ के डिजिटल भुगतान पंजीकृत लेनदेन किए गए.

उन्होंने कहा कि यदि प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सार्वजनिक भलाई के लिए किया जाता है तो यह मानव जाति के लिए स्थायी समृद्धि देगा.

तीन दिवसीय डब्ल्यूसीआईटी का आयोजन नैसकॉम इंडिया लीडरशिप फोरम के साथ मिलकर किया गया है. इसमें 25 देशों के व्यापार प्रतिनिमंडल भाग ले रहे हैं.