नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी हरकतों का जवाब देने के लिए कमांडरों को पूरी छूट : सैन्य सूत्र

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जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों की किसी भी हिंसक कार्रवाई के खिलाफ सेना के स्थानीय कमांडरों को जोरदार तरीके से जवाब देने की पूरी छूट दी गयी है. 

सेना में मौजूद सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही.

सूत्रों ने कहा कि देश की सेना पिछले कुछ सप्ताह से नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलीबारी का जवाब देते हुए पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचा रही है.

उन्होंने कहा कि स्थानीय कमांडरों को किसी भी पाकिस्तानी दुस्साहस का जवाब देने की पूरी छूट दी गयी हैं. सेना नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलाबारी का जवाब देने में एक सूझ बूझ भरी रणनीति के तहत काम कर रही है.

गौरतलब है कि सुंजवां सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उसे अपने दुस्साहस की कीमत चुकानी पडेगी. इस हमले में छह सैन्यकर्मी और एक नागरिक की जान चली गयी थी. उससे कुछ दिन पहले राजौरी जिले में पाकिस्तानी गोलीबारी में चार सैन्य जवान शहीद हो गये थे.

नेपाल की तीन दिवसीय यात्रा से लौटने पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को जम्मू कश्मीर की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया गया.

सूत्रों ने दवा किया कि इस साल पाकिस्तानी सेना के कुल 20 सैनिक मारे गये हैं जबकि पिछले साल 138 मारे गये थे.

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी हरकतों पर भारत के करारा जवाब के अलोक में पिछले कुछ सप्ताह से पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ कमांडर लगातार पाकिस्तानी चौकियों पर आ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर अपनी सभी चौकियों पर अलर्ट बढ़ा दिया है.

सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम पाकिस्तानी पक्ष को काफी पीडा पहुंचा रहे हैं.’’