विवि व कॉलेजों में अब नौकरी पाना होगा मुश्किल

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देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों मे अब नौकरी पाना काफी कठिन होगा. 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर नए नियम के तहत अब स्नातक, स्नातकोत्तर के अंकों,  शिक्षण अनुभव, रिसर्च पब्लिकेशंस व पीएचडी तक की स्कोरिंग की जाएगी. इन स्कोर्स को जोड़कर यह तय किया जाएगा कि उम्मीदवार साक्षात्कार में आने योग्य है या नहीं.

स्क्रीनिंग में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर ही 80 फीसद से 55 फीसद तक के अंक की जरूरत होगी. उम्मीदवारों के अंकों के हिसाब से स्कोर तय किये जाएंगे. साथ ही यूजीसी ने स्क्रीनिंग में एकेडमिक रिकॉर्ड की तीन कैटेगरी बना दी है, जबकि अब तक साक्षात्कार के लिए दो ही कैटेगरी थी, वह भी 60 फीसद या इससे अधिक व 60 फीसद से कम. अब शिक्षकों को इस नई कसौटी पर उतरकर नौकरी पाना कठिन होगा. इसी प्रकार कॉलेजों में शिक्षक की नौकरी पाने के लिए अलग-अलग स्कोर्स का फार्मूला तैयार किया गया है.

डूटा ने किया विरोध
डीयू कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ राजेश झा ने कहा कि डूटा ने स्क्रीनिंग फार्मूला स्वीकार नहीं किया है. साथ ही हमारी हमेशा यही मांग रही है कि सभी योग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए.