भारत बनेगा 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था : मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत अगले कुछ वर्षों में सतत, समग्र विकास के साथ 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है.

उन्होंने यहां पहले मेगा वैश्विक निवेशक सम्मेलन, ‘मैगेटिक महाराष्ट्र : कनवर्जेस 2018’ का उद्घाटन करते हुए यह बात कही. एक अन्य कार्यक्रम में महाराष्ट्र के रायगढ़ में 16,000 करोड़ रुपये की लागत से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की आधारशिला रखते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर में उड्डयन क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. हम इसमें पीछे रहने का जोखिम नहीं ले सकते. 
उन्होंने कहा कि बीते एक साल के दौरान 900 से ज्यादा विमानों के पोस्टिंग आर्डर आने वाले सालों में भारत में उड्डयन क्षेत्र में भारी वृद्धि की तैयारी को दिखाता है. मौजूदा समय में देश में करीब 450 विमानों का संचालन किया जाता है, लेकिन यह संख्या अगले कुछ सालों में 900 से ज्यादा विमानों की तैनाती के साथ तिगुनी हो जाएगी.

उन्होंने जवाहरलाल नेहरू पत्तन न्यास पर देश के पहले कंटेनर टर्मिनल का उद्घाटन भी किया. यह टर्मिनल 4,719 करोड़ रुपए की लागत से बना है. उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि हवाई-चप्पल पहनने वाले लोग हवाई-जहाज में उड़ने में समर्थ हों.. उड्डयन क्षेत्र में साढ़े तीन गुना से ज्यादा रिटर्न देने की बड़ी क्षमता है. हम सौ रुपये के निवेश से एक साथ व्यापार व वाणिज्य, लोगों के आवागमन, पर्यटन व समग्र विकास को बढ़ावा देकर 350 रुपए प्राप्त कर सकते हैं.’

बंदरगाहों के विकास, सागरमाला परियोजना व मुंबई व नवी मुंबई की स्थलीय परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश को प्रगति के लिए विस्तरीय बुनियादी ढांचे की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘हम बंदरगाह से जुड़े विकास पर काम कर रहे हैं और महज बंदरगाह विकास ही नहीं, हमने भारत में परिवहन के लिए 100 से ज्यादा जगमागरे की पहचान की है, जो कम लागत वाले व पर्यावरण के अनुकूल होंगे.’

भारत का पहला ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा परियोजना यानी नवी मुंबई अंतरारष्ट्रीय हवाईअड्डा आर्थिक राजधानी मुंबई में दूसरा अंतरराष्ट्रीय उड्डयन केंद्र होगा. वर्तमान में छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से सेवाएं दी जाती हैं, जो अपनी क्षमता की अधिकतम स्थिति पर काम कर रहा है.

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीवी राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अशोक गजपति राजू, रामदास अठावले व राज्य मंत्रियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.