पीएनबी में 11,400 करोड़ की घपलेबाजी में बैंक के 10 कर्मी निलंबित

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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बुधवार को खुलासा किया कि उसने 1.77 अरब डॉलर करीब 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले को पकड़ा है.

इस मामले में अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी ने कथित रूप से बैंक की मुंबई शाखा से धोखाधड़ी वाला गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर अन्य भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया.

चुनिंद खाताधारकों को लाभ पहुंचाया : पीएनबी ने बयान में कहा कि उसकी मुंबई की एक शाखा में कुछ धोखाधड़ी वाले अनाधिकृत लेनदेन का पता चला है. ये लेनदेन कुछ चुनिंदा खाताधारकों को लाभ पहुंचाने वाले हैं और इसमें उनकी भी सांठगाठ है. बैंक ने कहा कि इन लेनदेन के आधार पर अन्य बैंकों ने संभवत: कुछ ग्राहकों को विदेशों में ऋण दिया है.

ये बैंक हैं शक के दायरे में : हालांकि, पीएनबी ने इन बैंकों का नाम नहीं लिया. लेकिन समझा जाता है कि यूनियन बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने पीएनबी के गारंटी पत्रों के आधार पर कर्ज दिया. एलओयू वह पत्र है जिसके आधार पर एक बैंक द्वारा अन्य बैंकों को एक तरह से गारंटी पत्र उपलब्ध कराया जाता है जिसके आधार पर विदेशी शाखाएं ऋण की पेशकश करती हैं.

विदेशी बैंक शाखाएं भी जांच के घेरे में हैं : पिछले सप्ताह पीएनबी ने सीबीआई के पास एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें कहा गया था कि 16 जनवरी को सबसे पहले 280.7 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी वाले गारंटी पत्र जारी किए गए. उस समय बैंक ने कहा था कि वह रिकॉडरें की जांच कर रहा है जिससे पता चल सके कि घोटाला कितना बड़ा है.

इन कंपनियों का लिया था नाम : अपनी शिकायत में पीएनबी ने तीन हीरा कंपनियों डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स का नाम लिया था. शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने 16 जनवरी को बैंक से विदेशी आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान को खरीदार ऋण के लिए संपर्क किया था. बैंक ने एलओयू जारी करने के लिए प्रतिशत का नकद मार्जिन मांगा था जिसका इन कंपनियों ने विरोध करते हुए कहा था कि वे यह सुविधा 2010 से प्राप्त कर रही हैं. नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी और भाई निशाल और मेहुल चौकसी डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स तथा स्टेलर डायमंड्स में भागीदार हैं. इन कंपनियों की हांगकांग, दुबई और न्यूयॉर्क जैसे विदेशी गंतव्यों में इकाइयां हैं.

इनका नाम आया सामनें : जिन बैंक अधिकारियों का नाम इस मामले में आया है उनमें उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी भी शामिल हैं, जो 31 मार्च 2010 से पीएनबी के मुंबई में विदेशी विनिमय विभाग में कार्यरत थे. कथित रूप से शेट्टी ने एक अन्य अधिकारी मनोज खारत के साथ मिलकर ये धोखाधड़ी वाले एलओयू जारी किए.

नए सिरे से हो सकती है जांच :  मोदी के आभूषण दुनिया भर की हस्तियों में काफी लोकप्रिय हैं. उनके खिलाफ नए सिरे से सीबीआई जांच हो सकती है. जांच एजेंसी उचित कार्रवाई की तैयारी कर रही है. मोदी के खिलाफ पहले से ही पीएनबी की एक शाखा में कथित रूप से 280 करोड रुपये की जालसाजी और धोखाधडी के मामले की सीबीआई जांच चल रही है.

10 अधिकारी निलंबित
पीएनबी ने इस मामले में दस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. साथ ही मामले को जांच के लिए सीबीआई के पास भेज दिया है. वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि यह एक अकेला मामला है और इससे अन्य बैंकों पर असर नहीं होगा. उन्होंने भाषा से कहा, ‘वित्त मंत्रालय ने तेजी से कदम उठाते हुए बैंक से यह मामला सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजने को कहा है.

गीतांजलि, गिन्नी और नक्षत्र जैसी आभूषण कंपनियां जांच के घेरे में
इस फर्जीवाड़े में देश की चार बड़ी आभूषण कंपनियों के लिप्त होने की बात सामने आई है. जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं उनमें गीतांजलि, गिन्नी और नक्षत्र जैसी कंपनियां जांच एजेंसियों की जांच के घेरे में हैं. इस मामले को वसूली के लिए विधि प्रवर्तन एजेंसियों को भेज दिया गया है. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उनकी विभिन्न बैंकों से सांठगाठ और धन के अंतिम इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं.’  इन कंपनियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.