फ्रांस में आधुनिक युद्ध की प्रकृति पर बात करेंगे जनरल उपेंद्र द्विवेदी

Last Updated 27 Feb 2025 12:38:44 PM IST

भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी प्रथम विश्व युद्ध में भाग लेने वाले शहीद भारतीय सैनिकों के सम्मान में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके लिए वह गुरुवार को फ्रांस के न्यूवे चैपल भारतीय युद्ध स्मारक का दौरा कर रहे हैं।


यहां फ्रांस में भारतीय सैनिकों को पुष्पांजलि देने के बाद वह फ्रांस के संयुक्त स्टाफ कॉलेज, इकोले डे गुएरे में एक व्याख्यान देने वाले हैं। यहां इस दौरान आधुनिक युद्ध की विकासशील प्रकृति और भारत की रणनीतिक दृष्टि पर जानकारी दी जाएगी।

गौरतलब है कि भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग के क्षेत्र में काफी मजबूत रिश्ते साझा करते हैं। फ्रांस ने भारतीय नौसेना के लिए छह सबमरीन तैयार की हैं। ये सबमरीन मझगांव डॉकयार्ड में तैयार की गई हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने पेरिस की सफल यात्रा की थी। प्रधानमंत्री की यात्रा के उपरांत भारतीय सेनाध्यक्ष की मौजूदा फ्रांस यात्रा हो रही है।

भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी 24 से 27 फरवरी तक फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यहां 24 फरवरी को जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पेरिस के लेस इनवैलिड्स में फ्रांस के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की थी।

जनरल द्विवेदी ने फ्रांसीसी सेना प्रमुख जनरल पियरे शिल से मुलाकात व महत्वपूर्ण चर्चा की है। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य संबंधों को बढ़ावा देना था। उन्होंने पेरिस के प्रतिष्ठित मिलिट्री स्कूल और इंस्टीट्यूशन कॉम्प्लेक्स इकोले मिलिटेयर का दौरा भी किया है। यहां जनरल द्विवेदी को फ्यूचर कॉम्बैट कमांड (सीसीएफ) के बारे में जानकारी दी गई।

इसके अतिरिक्त, जनरल द्विवेदी को फ्रांसीसी सेना के तकनीकी अनुभाग (एसटीएटी) में जानकारी दी गई। जनरल द्विवेदी फ्रांस के मार्सिले गए जहां उन्होंने फ्रांसीसी सेना की तीसरी डिवीजन का दौरा किया। यहां उन्हें द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास शक्ति, भारत-फ्रांस प्रशिक्षण सहयोग और फ्रांसीसी सेना आधुनिकीकरण कार्यक्रम (स्कॉर्पियन) के बारे में जानकारी दी गई।

जनरल द्विवेदी की यात्रा का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना, सहयोग के नए रास्ते तलाशना और दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना है। भारतीय वायुसेना के पास फ्रांस में बनाया गया राफेल लड़ाकू विमान है। भारतीय वायु सेना में इस्तेमाल होने वाला मिराज लड़ाकू विमान भी फ्रांस ने ही बनाया है। वहीं भारतीय नौसेना के लिए भी फ्रांस में बने 26 मरीन राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की जा रही है।

आईएएनएस
नई दिल्ली


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