चीन का रुख 'झूला कूटनीति' की विफलता : ओवैसी
चीन द्वारा जेईएम के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोके जाने पर एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'झूला कूटनीति' की विफलता करार दिया।
एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी |
मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, हैदराबाद के सांसद ने कहा, "चीन द्वारा जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के प्रमुख मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने के लिए सहयोग से इनकार करना मोदी सरकार की झूला कूटनीति की विफलता का बेहतरीन उदाहरण है।"
ओवैसी ने मोदी के चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ झूला झूलने का प्रत्यक्ष रूप से संदर्भ दिया।
ओवैसी ने कहा कि चीन आतंकवादी को ब्लैकलिस्ट करने में सहयोग करने से इनकार कर रहा है जबकि मोदी सरकार ने चीन से 630 करोड़ रुपये के बुलेट प्रूफ वेस्ट खरीदने का ऑर्डर दिया है।
उन्होंने कहा, "आपका राष्ट्रवाद क्या है। हमारा आत्म सम्मान कहां चला गया है। हमें चीन को आर्डर क्यों देना पड़ता है? राष्ट्र मोदी से जवाब चाहता है क्योंकि वे हर रोज सुरक्षा, राष्ट्रवाद से खेल रहे हैं।"
सांसद ने कहा कि मोदी सरकार मुद्रा योजना से जुड़े आंकड़े नहीं जारी कर रही है। इससे सरकार के रुख का खुलासा होता है।
उन्होंने कहा, "सरकार झूठ में विश्वास करती है। वह सच्चाई के साथ नहीं है। यह हेरफेर के आंकड़ों में विश्वास करती है। सरकार के मुद्रा लाभार्थियों के सर्वेक्षण के सटीक आंकड़ों को साझा करने से इनकार से सच्चाई सामने आ चुकी है।"
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