Video: तेजस की बढ़ी ताकत, हवा में ही भरा ईंधन

भाषा/वार्ता, बेंगलुरू

देश में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस में पहली बार सफलतापूर्वक हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भरा गया। इस तरह भारत उन देशों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया है जिसके पास सैन्य विमानों के लिए हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भरने की प्रणाली है।               

हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने यह जानकारी दी है।     

हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक आर माधवन के अनुसार वायु सेना के टैंकर विमान आई एल-78 ने तेजस में बीस हजार फुट की उंचाई पर 1900 किलो तेल भरा। टैंकर विमान ने तेजस के भीतरी टैंक और ड्राप टैंक को पूरा भर दिया।

तेजस को इस दौरान विंग कमांडर सिद्धार्थ सिंह उड़ा रहे थे। इस प्रक्रिया के समय ग्वालियर स्टेशन में स्थित नियंत्रण कक्ष से सभी प्रणालियों पर नजर रखी जा रही थी। विमान की सभी संबंधित प्रणाली सभी कसौटियों पर पूरी तरह खरी उतरी।  

कुछ दिन पहले वायु सेना ने रूस निर्मित आईएल-78 एमकेआई टैंकर का इस्तेमाल करते हुए हवा में ईंधन भरने का सफल परीक्षण किया था।          

एचएएल के मुताबिक, ग्वालियर में स्टेशन से एचएएल और एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) के अधिकारी सभी मानकों पर करीबी नजर रखे हुए थे। ईंधन भरे जाने के दौरान तेजस विमान की रफ्तार 270 नॉट थी।               

माधवन ने कहा कि इसके साथ भारत उन देशों के समूह में शामिल हो गया है जिसके पास सैन्य श्रेणी के विमानों के लिए हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भरने की प्रणाली है।