SC/ST एक्ट के खिलाफ सवर्ण संगठनों का भारत बंद आज, एमपी-बिहार में हाई अलर्ट

समय लाइव डेस्क/एजेंसी, नई दिल्ली

एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे अनारक्षित वर्ग ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया है.

केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में मध्य प्रदेश में भारत बंद का व्यापक असर दिख रहा है। भारत बंद से आम जन-जीवन प्रभावित है और आमजन को आवागमन से लेकर चाय-नाश्ते तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है, वहीं राज्य के 35 जिलों में हाई अलर्ट है।

राजधानी सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारत बंद से जन-जीवन प्रभावित है, नगर सेवा से लेकर बाजार तक बंद है। राज्य में पेट्रोल पंप बंद है, मंडियों में कामकाज प्रभावित है। वहीं, 35 जिलों में हाई अलर्ट है, पुलिस बल की तैनाती की गई है। बसों का परिवहन भी प्रभावित है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीते एक सप्ताह से एससी-एसटी (अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति) अधिनियम में किए गए संशोधन के विरोध में आंदोलनों का दौर जारी है। आलम तो यह है कि भाजपा और कांग्रेस के जन प्रतिनिधियों को जनाक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को भी भाजपा के कई नेताओं का विरोध हुआ, काले झंडे भी दिखाए गए।

पुलिस प्रशासन ने हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनात किया गया है, पुलिस मुख्यालय से पूरे प्रदेश के हालात पर नजर रखी जा रही है। हर जगह पुलिस बल की गश्त जारी है।

विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छतरपुर, शिवपुरी, भिंड, अशोकनगर , गुना, ग्वालियर, कटनी आदि स्थानों पर निषेधाज्ञा 144 लागू कर दी गई है।

SC/ST एक्ट पर राजस्थान बंद, पुलिस अलर्ट

सवर्ण समाज संघर्ष समिति और समता आंदोलन के आहवान पर केन्द्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति (एससीएसटी) अधिनियम के विरोध में आज भारत बंद  समूचे प्रदेश में कडी सुरक्षा के बीच शांति के साथ शुरू हुआ।
           
बंद के मद्देनजर राज्य सरकार ने पुलिस को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिया है तथा एहतियात के तौर पर दस जिलों में अतिरिक्त पुलिस कंपनिया तैनात की गयी है।


           
बंद के मद्देनजर जयपुर सहित समूचे प्रदेश में अधिकांश गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पहले से ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का एलान कर रखा है। बंद का सर्वाधिक असर राजधानी जयपुर सहित हिडोंन, करौली, बांरा, जोधपुर सहित कई जगह अतिरिक्त  पुलिस बल लगाया गया है।  प्रांरभिक सूचना के अनुसार बंद स्वैच्छिक नजर आ रहा है और कहीं से भी बंद समर्थकों की टोलियां सड़कों पर नजर नही आ रही है।
      
पुलिस ने बंद को देखते हुये प्रशासन ने समता आंदोलन के अध्यक्ष पारसनारायण को नजरबंद कर लिया है। प्रशासन ने आंदोलन के दो दर्जन से अधिक नेताओं को घरों में ही रहने के लिये पाबंद किया है।

बिहार में 'भारत बंद' का परिवहन पर प्रतिकूल असर

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) एक्ट के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा गुरुवार को बुलाए गए एक दिवसीय 'भारत बंद' का बिहार में असर देखा जा रहा है। बंद समर्थकों द्वारा कई स्थानों पर रेल और सड़क मार्ग बाधित कर प्रदर्शन किए जाने से यहां आवागमन पर प्रतिकूल असर देखा गया।

राज्य के गया, पटना, भोजपुर, दरभंगा सहित विभिन्न इलाकों में सवर्ण सड़क पर उतरे और एक्ट के विरोध में नारेबाजी की।

पुलिस के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में एक दिवसीय 'भारत बंद' के दौरान प्रदर्शनकारी सुबह से ही सड़कों पर उतर गए और सड़क जाम कर दिया। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए तथा केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारे लगाए गए।

सवर्ण सेना के लोग दरभंगा, आरा और राजेंद्र नगर टर्मिनल पर रेल मार्ग अवरुद्ध कर दिया जिससे ट्रेनों का परिचालन कुछ समय तक बाधित रहा। पटना के मोकामा में भी बंद समर्थकों द्वारा ट्रेन के रोके जाने की सूचना है।

बेगूसराय में सवणोर्ं ने जिले के कई स्थानीय सड़क को भी जाम कर दिया एवं सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। वैशाली के लालगंज में सवर्ण के भारत बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है। आक्रोशित लोगों ने कई जगह पर मुख्य सड़कों को जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी सड़क पर आगजनी कर हंगामा कर रहे हैं। हाजीपुर-लालगंज मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप है।

नालंदा, भोजपुर, गया, सारण जिले में भी बंद समर्थक सड़क पर उतरे और विभिन्न सड़कों को जामकर प्रदर्शन किया। आरा में सरैया रोड पर बंद समर्थकों ने सड़क पर पेड़ गिराकर आवागमन बाधित कर दिया।

लखीसराय में सवर्णों ने सभी राष्ट्रीय और राजकीय पथों को जाम कर दिया तथा बाजार बंद कराए।

भारत बंद को लेकर हालांकि राज्य में पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। पटना में डाकबंगला चौराहे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिहार के कई स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।