SCO शिखर सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संप्रभुता का सम्मान जरूरी

एजेंसियां, पेइचिंग/चिंगदाओ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि संपर्क (कनेक्टिविटी) परियोजनाएं भारत की प्राथमिकता हैं लेकिन ऐसे कार्यक्रमों को किसी भी देश की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।

चीन के शहर किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के सीमित सत्र में मोदी ने कहा कि कनेक्टिविटी का मतलब केवल भौतिक संपर्क नहीं बल्कि यह लोगों से लोगों का संपर्क है। भारत, चीन की बेल्ट एवं रोड परियोजना का विरोध करता रहा है जिसका खास हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है।

मोदी ने कहा, हम फिर से एक मंच पर पहुंचे हैं जहां भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी भूगोल की परिभाषा को बदल रही है। इसलिए, हमारे पड़ोस और एससीओ क्षेत्र में कनेक्टिविटी हमारी प्राथमिकता है। हम किसी भी ऐसी नई कनेक्टिविटी परियोजना का स्वागत करेंगे जो समावेशी, पारदर्शी, स्थाई और देशों की संप्रभुता व अखंडता का सम्मान करती हो। उन्होंने कहा, अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा, चाबहार बंदरगाह में भारत की सक्रिय भागीदारी विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर कजाखस्तान, किर्गिस्तान और मंगोलिया के राष्ट्रपतियों से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की ताकि संसाधन से संपन्न तीनों देशों से भारत के संबंध मजबूत हो सकें।
 
युवाओं को आतंकी गतिविधियों से रोका जाए
चिंगदाओ : भारत और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अन्य सदस्यों ने रविवार को युवकों के लिए संयुक्त अपील को स्वीकार किया जिसमें विस्तृत शैक्षणिक कार्यों के साथ ही आध्यात्मिक एवं नैतिक शिक्षा का आयोजन करेंगे ताकि युवकों को आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथी समूहों की गतिविधियों में संलिप्त होने से रोका जा सके।

मोदी और ममनून ने मिलाए हाथ
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने हाथ मिलाए और संक्षिप्त बातचीत की। चीन के राष्ट्रपति शी जिन¨पग के मीडिया को संबोधित करने के बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए और संक्षिप्त बातचीत की। चीन एससीओ का मेजबान देश है। मोदी और हुसैन 18 वें एससीओ शिखर सम्मेलन की समाप्ति पर मीडिया ब्री¨फग के दौरान अन्य नेताओं के साथ मौजूद थे। भारत और पाकिस्तान ने इस सम्मेलन में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शिरकत की। मोदी अन्य एससीओ देशों के नेताओं के साथ छह द्विपक्षीय बैठकें कर चुके हैं लेकिन मोदी और हुसैन के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई है।