INDvsENG: टीम इंडिया के पास सीरीज में बने रहने का अंतिम मौका

भाषा, नाटिंघम

पहले दो टेस्ट में हार झेलने के बाद भारतीय टीम शनिवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाले ‘करो या मरो’ के तीसरे टेस्ट में जीत हासिल कर वापसी करने के लिए बेताब होगी जिसके लिए वह टीम में कुछ बदलाव भी करना चाहेगी। भारतीय टीम के लिए ट्रेंट ब्रिज में होने वाला यह टेस्ट उनके लिए सीरीज बचाने का अंतिम मौका होगा।

टीम को पहले दो टेस्ट मैचों में एजेस्टन में 31 रन तथा लार्डस में पारी व 159 रन से हार का मुंह देखना पड़ा था।

प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के साढे पांच दिन में 0-2 से पिछड़ने के बाद कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री सही टीम संयोजन बनाना चाहेंगे। इस तरह भारतीय टीम कप्तान कोहली की अगुआई में 38 मैचों में इतनी ही बार के संयोजन में खेलेगी। सबसे बड़ा बदलाव बीस वर्षीय रिषभ पंत के टेस्ट पदार्पण का होगा जो खराब फार्म में चल रहे दिनेश कार्तिक की जगह लेंगे जिन्होंने शायद लंबे प्रारूप में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेल लिया है।

कार्तिक का विकेटकीपिंग में भी खराब प्रदर्शन के बाद रिषभ पंत को कैचिंग अभ्यास कराते दिखे। पंत ने नेट में काफी समय बल्लेबाजी करने में बिताया। पंत ने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैचों में तीन अर्धशतक बनाए हैं जिसके बाद उन्होंने टीम में जगह बनायी। इस युवा को जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड, क्रिस वोक्स और सैम करेन जैसे गेंदबाजों का सामना करना होगा जो उनके लिए परेशानियां खड़ी करने के लिए तैयार होंगे जैसा कि वे उनके सीनियरों के लिये कर चुके हैं।

पंत के पदार्पण को लेकर जहां इतनी दिलचस्पी बनी हुई है, वहीं प्रशंसक यह भी उम्मीद कर रहे होंगे कि कप्तान कोहली बल्लेबाजी करने के लिए फिट होंगे। पिछले मैच में ¨स्वग के मुफीद हालात में मिली हार के बाद भारतीय शिविर में मुख्य खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर आकलन जारी रहा। अच्छी खबर यह है कि जसप्रीत बुमराह फिट हो गए हैं।

रविचंद्रन अश्विन और हार्दिक पंड्या लार्डस में बल्लेबाजी करते हुए लगी अपनी हाथ की चोट से पूरी तरह उबर गए हैं। कप्तान कोहली भी अपनी पीठ की समस्या से लगभग उबर गए हैं। कोहली की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और उन्होंने कहा भी है कि वह जो रूट के साथ टास करने मैदान पर आएंगे।

भारत ने लार्डस में दो स्पिनरों को उतारने की गलती स्वीकार की थी लेकिन कोहली और कोच शास्त्री अब उचित टीम संयोजन उतारना चाहेंगे। अंतिम एकादश में कुछ बदलाव जरूरी है क्योंकि कुछ अहम खिलाड़ियों में आत्मविश्वास में कमी दिख रही है। भारत तीसरे टेस्ट में तीसरी सलामी जोड़ी (धवन और लोकेश राहुल) को चुन सकता है और मध्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कोहली फिटनेस हासिल कर रहे हैं और करुण नायर भी अभ्यास सत्र के दौरान सक्रिय नहीं दिखे।

बर्मिघम और लंदन तथा नाटिघंम की तरह टीम प्रबंधन के दिमाग में अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज को उतारने की बात नहीं है। अगर ऐसा होता है तो उमेश यादव फिर से बाहर रहेंगे क्योंकि टीम प्रबंधन मैदान पर सर्वश्रेष्ठ संयोजन उतारना चाहेगा। मौसम की भविष्यवाणी के अनुसार तीसरे टेस्ट के पहले चार दिन में बादल छाए रहेंगे और भारतीय टीम इस बात को ध्यान में रखेगी तो वे निश्चित रूप से एक ही स्पिनर को उतारेंगे।