INDvENG: टी20 सीरिज जीतने के बाद अब वनडे में दम दिखाएगी टीम इंडिया

भाषा, नाटिंघम

टी-20 सीरीज जीतने के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ बृहस्पतिवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी जीत की लय कायम रखने के इरादे से उतरेगी जिसे अगले साल होने वाले विश्व कप की ‘रिहर्सल’ माना जा रहा है।

अगला विश्व कप ब्रिटेन में 2019 में होना है लिहाजा इस सीरीज से विराट कोहली एंड कंपनी को हालात को आजमाने का सुनहरा मौका मिला है। अगले साल इसी दौरान वि कप होना है।

भारत ने इंग्लैंड से टी-20 सीरीज 2-1 से जीती। वहीं वनडे रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम इंग्लैंड पिछली द्विपक्षीय सीरीज में आस्ट्रेलिया को 6-0 से हराकर आत्मविश्वास से लबरेज होगी। इंग्लैंड ने पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जोस बटलर, जेसन रॉय, एलेक्स हेल्स, जॉनी बेयरस्टा और इयोन मोर्गन फार्म में है और बेन स्टोक्स के रहते टीम काफी मजबूत लग रही है।

विश्व कप 2015 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड ने 69 में से 46 वनडे मैच जीते हैं। उसे द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने जनवरी 2017 में हराया था। भारतीय टीम प्रबंधन को विश्व कप के मद्देनजर विभिन्न संयोजन आजमाने का भी मौका मिल जाएगा। केएल राहुल के उम्दा फार्म के कारण कप्तान विराट कोहली चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं। राहुल ने आयरलैंड के खिलाफ 70 और पहले टी-20 में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 101 रन बनाए थे।   

शिखर धवन और रोहित शर्मा पारी की शुरुआत करेंगे जबकि राहुल तीसरे नंबर पर उतरेंगे। यही बल्लेबाजी क्रम रहने पर कोहली को चौथे नंबर पर उतरना होगा। इसके बाद सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी और हरफनमौला हार्दिक पंड्या उतरेंगे। गेंदबाजी में कुलदीप यादव ने टी-20 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है जो अंतिम एकादश में जगह पा सकते हैं। अतिरिक्त तेज गेंदबाज के रूप में सिद्धार्थ कौल या शार्दुल ठाकुर को मौका दिया जा सकता है। भुवनेश्वर कुमार कमर में जकड़न से उबरने पर उमेश यादव के साथ नई गेंद संभालेंगे।

इंग्लैंड के हौसले आस्ट्रेलिया पर मिली जीत के बाद बुलंद हैं। आईपीएल के स्टार रहे बटलर उस लय को कायम रखना चाहेंगे। वहीं जेसन पावरप्ले का फायदा उठाना बखूबी जानते हैं। मध्यक्रम में टेस्ट कप्तान रूट और वनडे कप्तान मोर्गन होंगे। इंग्लैंड की टीम ने आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए विश्व कप के बाद से 69 मैचों में से 31 बार 300 से अधिक का स्कोर बनाया है जिसमें से 23 मैच जीते हैं। इनमें से 11 मैचों में उसने 350 से अधिक और तीन में 400 से ज्यादा का स्कोर बनाया है।