FIFA WC 2018: मेजबान रूस में छाई फुटबाल महाकुंभ की खुमारी

भाषा, मास्को

विश्व कप फुटबाल का मेजबान रूस दुनिया को अपनी नयी छवि दिखाने के लिए तैयार है, खासकर मास्को के ज्यातातर हिस्से पर इसका खुमार दिख रहा है। बात चाहे सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की हो या फिर अंडरग्राउंड ट्रेन स्टेशनों की सजावट की, सब जगह विश्व कप का रंग दिख रहा है।      

मास्को पूरी तरह जगमगा रहा है और यहां के लोग दुनिया को रूस को नये नजरिये से दिखाने के लिए तैयार है। वे दुनिया को चार साल में एक बार होने वाले इस फुटबाल महाकुंभ के जरिय शहर की शानदार खूबसूरती से रू-ब-रू करवाने का इंतजार कर रहे हैं।      

कुछ लोगों का मानना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के लिए फीफा विश्व कप के वही मायने हैं जो चीन के लिए बीजिंग ओलंपिक के थे।      

रूस के लोग विश्व कप के लिए यहां आने वाले मेहमानों का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें नये तरीके से अपनी मातृभूमि के बारे में बता सकें, जो सोवियत काल और पुराने जमाने की कहानियों से अलग है और जिसे मानचित्र के इतिहास ने कई भागों में बांट दिया है।     

एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘‘फीफा विश्व कप का मतलब यह है कि दुनिया भर के लोग यहां आएंगे। वे यहां रहेंगे और रूस के बारे में जानेंगे। वे जब यहां से जाएंगे तो रूस की एक छवि लेकर जाएंगे। उनका नजरिया बदलेगा और दर्शक इस देश को अलग नजरियें से देखेंगे।’’     

पर्यवेक्षकों का हालांकि मानना है कि रूस से फुटबाल विश्व कप का प्रचार उस पैमाने पर नहीं किया जिस तरह सोची शीतकालीन ओलंपिक का किया गया था जिसकी एक वजह राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन में आयी तेज गिरावट भी है। शुरूआत में इसकी तैयारियां थोड़ी धीमी जरूर रही लेकिन जैसे-जैसे विश्व कप शुरू होने का समय करीब आया इसने जोर पकड़ा।

एक महीने तक चलने वाले इस आयोजन के लिए यहां दुनिया भर के हजारों पत्रकार पहुंचने वाले हैं।     

कई ऐसे देशों के पत्रकार और फोटोग्राफर भी यहां पहुंचे हैं जिनका देश इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं है लेकिन फीफा विश्व कप की चमक हमेशा से ऐसी ही रही है।      

यह चमक हाल के दिनों में सबोर्नया (रूस की फुटबाल टीम का नाम) के खराब प्रदर्शन से भी कम नहीं हुई है। टीम के खराब प्रदर्शन के बाद भी लोगों के जोश में कोई कमी नहीं आयी है।     

बात चहें मेहमाननवाजी की हो या फिर खेलों के आयोजन की। शहर के हर कोने पर सुरक्षाकर्मियों को देखा जा सकता है लेकिन स्थानीय लोग मुस्कान के साथ मेहमानों की मदद के लिए तैयार हैं।     

रूस की टीम के प्रदर्शन के नजरिये से देखें तो बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं दिखती हैं, वह भी तक जब रूस को बेहद ही कमजोर माने जाने वाले ग्रुप में रखा गया है। कई जानकार इसे फुटबाल विश्व कप के इतिहास का सबसे कमजोर ग्रुप बता रहे हैं। ग्रुप में उरुगवे के शीर्ष पर रहने की संभावना है तो वही मिस्र और सऊदी अरब जैसी टीमों की मौजूदगी से रूस को अगले दौर में जाने का मौका मिल सकता है। स्थानीय लोग हालांकि टीम के शानदार प्रदर्शन को लेकर आस्त नहीं दिख रहे।      

विश्व कप की तैयारियों के तहत रेड स्क्वायर के निकट लाइट शो का आयोजन किया जा रहा है। इमारतों पर फुटबाल विश्व कप से जुड़े कई होर्डिंग लगे हैं। मनेगी संग्रहालय के सामने टूर्नामेंट से जुड़ी चीजें लगी हैं।     

मास्को में उद्घाटन समारोह और फाइनल मैच के साथ कुल 12 मैच खेले जाएंगे। प्रसिद्ध लुजनिकी स्टेडियम में पहले मैच के साथ प्री क्वार्टर फाइनल, एक सेमीफाइनल और फाइनल मैच खेला जाएगा।