Birthday Special: यहां अमिताभ के नाम पर बना है स्कूल लेकिन...

वार्ता , इटावा

भारतीय फिल्म जगत की बात जिस महानायक के जिक्र के बिना अधूरी है, उसी महानायक अमिताभ बच्चन से जुड़े उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल का जिक्र करना भी बेहद जरूरी है। यह बना तो अमिताभ के नाम पर है लेकिन यहां उनका जन्मदिन नहीं मनाया जाता।

यही वजह है कि इस स्कूल के बच्चे भी इस बात से अंजान हैं कि गुरूवार को उसी फिल्मी सितारे का जन्मदिन है, जिसके नाम पर उनका स्कूल बना है। यह स्कूल कहीं और नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन के करीबी माने-जाने वाले मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में बना है। इस स्कूल का नाम अमिताभ बच्चन राजकीय इंटर कॉलेज है लेकिन 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में जन्मे अमिताभ की केवल एक तस्वीर ही स्कूल में लगी है। उनसे जुड़ा कोई दस्तावेज यहां नहीं है।

स्कूल के छात्रों के साथ-साथ शिक्षक और अन्य स्टाफ का कहना है कि जब अमिताभ बच्चन का नाम सरकारी स्कूल में जोड़ ही दिया गया था। तो उनसे जुड़े संस्मरणों का साहित्य स्कूल में रखवा देना चाहिये था, ताकि स्कूल में नाम के साथ-साथ अमिताभ के बारे में स्कूल के छात्र बेहतर ढंग से जान और समझ सकें।          

इस स्कूल का निर्माण इटावा जिले के सैफई में मुलायम सिंह यादव के पहले मुख्यमंत्रित्वकाल 1990 में कराया गया था। बाद में खुद मुलायम सिंह यादव ने ही स्कूल के नाम के आगे अमिताभ बच्चन जुड़वा दिया था। उत्तर प्रदेश में जब राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था। उसी समय 27 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रोमेश भंडारी ने सैफई में अभिताभ बच्चन इंटर कॉलेज के मुख्य गेट का उद्घाटन किया था। इस मौके पर खुद महानायक अभिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।

स्कूल के छात्रों के साथ-साथ स्कूल के अध्यापक अमिताभ का जन्मदिन स्कूल में न मनाये जाने से नाखुश हैं। स्कूल के छात्र प्रशांत का कहना है कि महानायक अमिताभ बच्चन इस मुकाम पर आ चुके हैं कि वह भारत रत्न के असल हकदार हैं। उनके जन्मदिन पर उनको हम इसी तरह से बधाई देने की बात कह सकते हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ प्रशांत की ही चाहत है कि अमिताभ को भारत रत्न मिले स्कूल के कई और छात्र भी अमिताभ बच्चन को भारत रत्न दिये जाने की वकालत करते हैं।

अमिताभ बच्चन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अमरनाथ दीक्षित का कहना है कि स्कूल में 213 छात्र है। चार शिक्षक हैं। विज्ञान, कला, व्यवासियक और वाणिज्यक वर्ग का संचालन होता है। उनको इस बात का दु:ख है कि उनके स्कूल का नाम तो अमिताभ बच्चन के नाम पर जरूर रखा गया है लेकिन स्कूल में ना तो सरकारी या फिर गैर सरकारी स्तर पर उनका जन्मदिन मनाया जाता है। ऐसे में सिर्फ स्कूल का नाम ही अमिताभ बच्चन के नाम पर से होने से काम नहीं चलने वाला है।

कॉलेज के दूसरे शिक्षक हरीमोहन का कहना है कि इस स्कूल में अमिताभ बच्चन के नाम पर साहित्य रखा जाये और उनकी एक लाइब्रेरी बनाई जाये ताकि स्कूल के बच्चे अमिताभ बच्चन को सिर्फ नाम से ना जाने बल्कि उनके बारे मे बारीकी से जान सकें और अमिताभ बच्चन से कुछ सीख ले सकें।

ऐसा नहीं है कि अमिताभ बच्चन इटावा नहीं आये अमिताभ बच्चन और जया बच्चन कई बार सैफई आ चुके हैं। वह स्कूल के नामकरण के बाद भी कई बार यहां आये। 2005 में सैफई में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कन्या विद्याधन योजना के तहत अमिताभ स्कूली छात्रों को सम्मानित करने के लिये आये थे। आखिरी बार अभिताभ बच्चन मैनपुरी के सांसद तेजप्रताप सिंह यादव के तिलक समारोह मे शामिल होने के लिए आये थे।

इलाहाबाद में जन्मे अमिताभ ने भारतीय सिनेमा जगत में अपने बेमिसाल अभिनय की छाप छोड़ी। अपनी पहली फिल्म सात हिन्दुस्तानी के जरिये अमिताभ ने बड़े पर्दे पर कदम रखा, लेकिन उन्हें पहली सफलता मिली प्रकाश मेहरा की फिल्म जंजीर से। इसके बाद पर्दे पर उन्होंने एंग्रीयंग मैन को जिया जिसे दर्शकों का खूब प्यार मिला।

उनकी आवाज ऐसी है जो किसी भी कार्यक्रम को हिट करने के लिए काफी समझी जाती है। अभिताभ बच्चन इन दिनों केबीसी के ताजा संस्करण में नजर आ रहे हैं। 8 नंबबर को उनकी फिल्म ठग ऑफ हिंदुस्तान रिलीज होने जा रही है जिसमें आमिर खान भी नजर आयेंगे।