Asiad 2018: बैडमिंटन के फाइनल में सिंधु, साइना ने जीता ब्रॉन्ज

भाषा, जकार्ता

ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधू ने फाइनल में जगह बनाकर एतिहासिक महिला एकल बैडमिंटन स्वर्ण पदक की ओर कदम बढाए लेकिन साइना नेहवाल को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताइ जूयिंग के खिलाफ लगातार 10वीं हार के बाद एशियाई खेलों में कांस्य पदक से संतोष करना पड़।
         
दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने अकाने यामागुची को सेमीफाइनल में 21-17 15-21 21-10 से हराया। जापान की खिलाड़ी के खिलाफ मौजूदा एशियाई खेलों में यह सिंधू की दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने यामागुची को टीम चैंपियनशिप में भी हराया था।          

सिंधू को हालांकि जीत दर्ज करने के लिए 65 मिनट तक जूझना पड़ा। इसमें निर्णायक गेम में खेली गई 50 शाट की रैली भी शामिल है जिसे सिंधू ने जीता। दुनिया की 10वें नंबर की खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता साइना ने बीच-बीच में अच्छी चुनौती पेश की लेकिन ताइ जू ने कहीं बेहतर खेल दिखाते हुए 36 मिनट में 21-17 21-14 से आसान जीत दर्ज की।          

इस मैच से पहले साइना ने ताइ जू के खिलाफ लगातार नौ मैच गंवाए थे जिसमें 2018 में मिली तीन हार भी शामिल हैं। सिंधू अब फाइनल में ताइ जे से भिड़ेंगी और भारत को बैडमिंटन में पहली बार व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाने की कोशिश करेंगी। इस भारतीय खिलाड़ी ही राह हालांकि आसान नहीं होगी क्योंकि ताइ जू के खिलाफ उन्होंने पिछले पांच मुकाबले गंवाए हैं।          

इससे पहले एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए एकमात्र पदक 1982 नयी दिल्ली खेलों में सैयद मोदी ने पुरुष एकल में कांस्य पदक के रूप में जीता था।     

सिंधू ने धीमी शुरुआत की और कई गलतियां की। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि वापसी करते हुए मैच पर नियंत्रण बनाया। यामागुची ने आक्रामक खेल दिखाया लेकिनंिसधू विरोधी के शाट का जवाब देने में सफल रही।          

ंिसधू ने रैली में दबदबा बनाया और पहले गेम में ब्रेक के समय वह 11-8 से आगे थी। भारतीय खिलाड़ी ने नेट पर बेहतर खेल दिखाया और दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी को गलतियां करने के लिए मजबूर किया।          

दोनों खिलाड़ियों के बीच 20-17 के स्कोर पर लंबी रैली हुई लेकिन यामागुची ने शाट बाहर मारकर पहला गेम सिंधू की झोली में डाल दिया।          

दूसरे गेम में भी सिंधू हावी रही लेकिन उन्होंने लगातार गलतियां करते हुए बढत गंवा दी। यामागुची ने 14-12 की बढत बनाई और फिर सिंधू की गलतियों का फायदा उठाकर दूसरा गेम जीत लिया।          

तीसरे और निर्णायक गेम में सिंधू ने लगातार चार अंक के साथ 7-3 की बढत बनाई। भारतीय खिलाड़ी ब्रेक तक 11-7 से आगे थी। सिंधू ने इसके बाद 50 शाट की रैली जीतकर 16-8 की बढत बनाई और फिर आसानी से जीत दर्ज की।          

दूसरी तरफ साइना और ताइ जू दोनों ने एक-दूसरे के बैकहैंड को निशाना बनाया लेकिन चीनी ताइपे की खिलाड़ी ने अधिक अंक जुटाए। उन्होंने पहले गेम में 4-1 की बढत बनाई।    साइना ने इसके बाद रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने ताइ जू को लंबे शाटों में उलझाया और फिर ड्राप शाट खेले। यह रणनीति साइना के पक्ष में रही और उन्होंने 8-8 पर बराबरी हासिल कर ली।          

ताइ जू ने हालांकि साइना के बैकहैंड पर स्मैश मारना जारी रखा और ब्रेक के समय वह 11-10 से आगे थी।          

चीनी ताइपे की खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार चार अंक के साथ 15-10 की मजबूत बढत बनाई जिसके बाद साइना वापसी नहीं कर पाई।          

ताइ जू ने 19-16 के स्कोर पर साइना के बैकहैंड पर स्मैश के साथ गेम प्वाइंट हासिल किया। साइना ने एक गेम प्वाइंट बचाया लेकिन अगले शाट को बाहर मार गई।          

दूसरे गेम में भी साइना अधिकांश समय पीछे ही रही। साइना ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की लेकिन ताइ जू ने मैच पर नियंतण्रबनाए रखा।          साइना ने मैच में पहली बार बढत बनाई जब 12-12 के स्कोर पर ताइ जू ने शटल हो बाहर जाते देखकर छोड़ दिया लेकिन यह कोर्ट के अंदर गिरी। साइना को नेट पर भाग्यशाली अंक मिले लेकिन ताइ जू ने भारतीय खिलाड़ी की गलतियों का फायदा उठाकर बढत बनाई और फिर आसानी से गेम और मैच जीत लिया।