9/11 हमले की बरसी

भाषा, वाशिंगटन

अमेरिका में 9 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की आज 17वीं बरसी है। दुनियाभर में इस हमले को 9/11 terror attack के नाम से याद करके सहम उठते है। अमेरिका सहित पूरी दुनिया को झकझोर देने वाले इस 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने अपनी सुरक्षा नीतियों में कड़े बदलाव किए हैं। न्यूयॉर्क की शान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को आतंकियों ने दो विमानों को मिसाइल की तरह उपयोग कर जमींदोज कर दिया था।

अमेरिका को हिला देने वाले 9/11 हमलों के 17 साल बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपहरण की गई 'फ्लाइट 93' में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मंगलवार को पेनसिल्वानिया रवाना हुए।

ग्यारह सितंबर 2001 को एक विमान वाशिंगटन के उत्तर पश्चिम में करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित छोटे शहर शैंक्सविले के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस विमान का नियंत्रण भी अलकायदा आतंकियों के हाथों में था।         

'यूनाइटेड फ्लाइट 93' में सवार यात्रियों को फोन पर उनके प्रियजन ने बताया कि दो अन्य यात्री विमान न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए हैं। इन यात्रियों ने इस विमान का नियंत्रण फिर से हासिल करने का प्रयास किया था।         

दुर्घटनास्थल हमलावरों के लक्ष्य अमेरिकी राजधानी के बहुत पास था। शैंक्सविले में मारे गये यात्रियों को तब से 'हीरो' माना जाता है।         

व्हाइट हाउस प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप उस दर्दनाक दिन को याद करेंगे और निश्चित रूप से उन लोगों को श्रद्धांजलि देंगे जिन्हें न केवल हमने खो दिया बल्कि जिन्होंने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी।          

माना जाता है कि विमान के अपहर्ता इस विमान के जरिये अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट वाले स्थान 'कैपिटोल' पर हमला करना चाह रहे थे। वर्ष 2001 में उस दिन कांग्रेस का पूर्ण सत्र चल रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया फ्लाइट 93 नेशनल मैमोरियल पर नवनिर्मित इमारत 'टॉवर आफ वॉइसेज' का दौरा करेंगे।