‘सुपरमैन’ का संन्यास

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मैदान के अंदर तो उन्होंने हर किसी को चौंकाया ही, मैदान के बाहर भी उनके इस फैसले ने हर क्रिकेट प्रशंसकों को अचंभित कर दिया। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अंतिम बार शिरकत करने के बाद एबी डिविलियर्स ने अपने कुछ बेहद खास मित्रों की मौजूदगी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूप-टेस्ट, वन डे और टी-20-से संन्यास लेने का ऐलान किया।

उन्होंने भर्राए गले से कहा कि अब वह थक गए हैं और आराम करना चाहते हैं। हालांकि यह मेरे अलावा मेरे हर चाहने वालों के लिए बेहद कठिन निर्णय है, मगर यही नियति है। इसलिए आपसे आग्रह है कि मुझे मेरे फैसले के साथ रहने देंगे और इसे वापस लेने का दबाव नहीं डालेंगे। वाकई खेल प्रेमियों और खासकर दक्षिण अफ्रीका के लिए एबी की कमी बेहद खलेगी।

पहले मोर्नी मोर्केल और अब एबी का क्रिकेट की दुनिया से नाता तोड़ना प्रोटीज के लिए थोड़ा कठिन होगा। क्योंकि साल भर के अंदर ही विश्व कप क्रिकेट का आयोजन होना है। ऐसे में दक्षिण अफ्रीकी टीम को एबी जैसा हरफनमौला खिलाड़ी मिलना बेहद दुष्कर है। खेल के मुक्ताकाश में सुपरमैन, जेंटलमैन, स्पाइडरमैन और मिस्टर 360 डिग्री के नाम से विचरण करने वाले डिविलियर्स ने अपने देश के लिए हमेशा लाजवाब पारियां खेली।

वह सबसे तेज 50, 100 और 150 रन बनाने के रिकॉर्ड होल्डर हैं। एक तरफ जहां वह ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं वहीं भारत के खिलाफ टेस्ट मैच बचाने के लिए उन्होंने सबसे धीमी पारी भी खेली। और 297 गेंदें खेलकर महज 43 रन बनाए। दबंगई के साथ की गई उनकी बल्लेबाजी और चपल क्षेत्ररक्षण का हर खेलप्रेमी मुरीद है। यह आसान काम नहीं है कि एक दिवसीय मैच में (50+ पारी) उनका औसत 50 के ऊपर रहा है और कॅरियर स्ट्राइक रेट 100 के पार।

खेल की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले एबी को क्रिकेटप्रेमी हमेशा तलाशेगी। हालांकि उनके नजदीकी खिलाड़ियों में आईपीएल के तुरंत बाद उनके संन्यास लेने के फैसले पर क्षोभ भी दिखा। उन लोगों का कहना था कि जब मोर्केल ने संन्यास लिया था, तब एबी ने ऐसा क्यों नहीं किया? बेहतर होता अगर वह घरेलू श्रृंखला में खेलकर अपने रिटायरमेंट का ऐलान करते।

खैर, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से नाता तोड़ने वाले इस खिलाड़ी पर बहस का लंबा और अंतहीन सिलसिला थमने वाला नहीं है। लेकिन एक ईमानदार खेल प्रशंसक के तौर पर हमें उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए।