‘जलीकट्टू’ पर बनी तमिल फिल्म को सेंसर बोर्ड की पुनरीक्षण समिति को भेजा गया

भाषा, चेन्नई

बैलों को काबू करने से जुड़े परंपरागत खेल ‘जलीकट्टू’ को लेकर 2017 में राज्य में हुए व्यापक प्रदर्शन पर बनी तमिल फिल्म ‘मरीना पुरात्ची’ को सेंसर बोर्ड की पुनरीक्षण समिति के पास भेजा गया है।           

फिल्म को बोर्ड की निरीक्षण समिति पहले ही देख चुकी है जिसमें चार सदस्य होते हैं। फिल्म को निर्माताओं की तरफ से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के क्षेत्रीण कार्यालय में प्रमाणन के लिये भेजा गया है।           

फिल्म के निर्देशक एम एस राज ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘मरीन पुरात्ची तमिल लोगों के गर्व, संवेदना, संस्कृति और विद्रोह पर आधारित है। मुझे विास है कि पुनरीक्षण समिति तमिल लोगों को फिल्म देखने का अवसर देगी।’’          

फिल्मकार ने इस बात की पुष्टि की कि बोर्ड ने उन्हें सूचित किया है कि पुनरीक्षण समिति द्वारा प्रमाणन के लिये फिल्म को देखा जाएगा।           

सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय के एक अधिकारी ने यहां न तो इस कदम की पुष्टि की न ही इससे इनकार करते हुए कहा कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता प्रमाणन की ‘‘प्रक्रिया’’ चल रही है। अधिकारी ने कहा कि पुनरीक्षण समिति में करीब 10 सदस्य शामिल हैं।