हैजा के प्रसार को रोकने में मद्दगार हो सकता है ‘हैती वी’ टीका

भाषा, वाशिंगटन

वैज्ञानिकों ने हैजा का एक टीका विकसित किया है जो बीमारी से बचाव करने और भविष्य में इसके प्रसार को रोकने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि अभी इसका प्रयोग खरगोश पर किया गया है और सकारात्मक नतीजों से उत्साहित वैज्ञानिकों का मानना है कि यह इंसान पर भी उतना ही असरदार होगा।      

अमेरिका के हॉर्वड ह्यूजेस मेडिकल इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने जब खरगोश पर इस टीके का प्रयोग किया तो इसने घातक बीमारी से एक दिन के अंदर उसका बचाव करना शुरू कर दिया।      

शोधकर्ताओं ने ‘हैती वी’ नाम के टीके में अनूठी खासियत की खोज की है जो आम तौर पर टीकों में नहीं पाई जाती है। हैती वी ने हैजा के लिए जिम्मेदार जीवाणुओं से खरगोश का तुरंत बचाव करना शुरू कर दिया। यहां तक कि रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रतिक्रिया देने से पहले ही इस टीके ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया।      

यह शोध जनरल ‘साइंस ट्रांस्लेशनल मेडिसिन’ में प्रकाशित हुआ है। शोध बताता है कि टीका हैज़ा के प्रसार को रोकने के लिए काफी अच्छा है। इस बीमारी से हर साल दुनियाभर में 21,000 से 143000 के बीच मौतें होती हैं।      

शोधकर्ताओं ने अबतक इंसान पर इस टीके का परीक्षण नहीं किया है, लेकिन अमेरिका के ब्रिघम एंड वूमन्स हॉस्पिटल में सूक्ष्मजीव विज्ञानी मैथ्यू वाल्डर का मानना है कि टीका मानव पर भी उतना ही असरदार साबित होगा।      

 उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह बहुत अच्छा टीका होगा और एक खुराक से ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा कर देगा।’ हैजा आंतों में एक प्रकार का संक्रमण होता है जो इलाज मिलने से पहले ही जान ले लेता है।