हिन्द महासागर में शांति, स्थिरता बनाए रखना भारतीय नीति की प्राथमिकता

भाषा, हनोई

हिन्द महासागर के आर्थिक महत्व को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि ‘वर्चस्व की जगह आपसी सहयोग पर आधारित’ भारत की विदेश नीति के लिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता प्राथमिकता है।
तीसरे हिन्द महासागर सम्मेलन को सोमवार को संबोधित करते हुए स्वराज ने कहा कि ऐसे में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था की धुरी धीरे-धीरे पूर्व की ओर खिसक रही है, हिन्द महासागर उभरते हुए ‘एशियाई कालखंड’ के लिए केन्द्र बन गया है। ऐसे में इस क्षेत्र में रहने वालों की पहली प्राथमिकता है कि वह शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखें।
चीन द्वारा हिन्द महासागर में अपनी उपस्थिति बढ़ाए जाने के मद्देनजर स्वराज का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है। नए सिल्क रूट के निर्माण के तहत राष्ट्रपति शी चिन¨फग की ‘वन बेल्ट, वन रोड’ पहल में हिन्द महासागर प्रमुखता से आता है। वहीं भारत चीन के ‘वन बेल्ट, वन रोड’ का विरोध करता है क्योंकि इसके तहत बन रहा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है।
स्वराज ने कहा कि हिन्द महासागर का आर्थिक महत्व और क्षेत्र के देशों की समृद्धि और विकास में उसकी भूमिका पहले से स्थापित है। उन्होंने कहा, ‘यह क्षेत्र दुनिया का सबसे व्यस्त जलमार्ग है और इससे होकर गुजरने वाले तीन-चौथाई वाहन हमारे क्षेत्र से बाहर जाते हैं।’ उन्होंने कहा, हिन्द महासागर व्यापार और ईंधन के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग है। दुनिया के आधे कंटेनर शिपमेंट, करीब एक-तिहाई माल और दो-तिहाई तेल के शिपमेंट इसी के रास्ते होकर जाते हैं।
ऐसे में हिन्द महासागर अपने तटों और तटवर्ती क्षेत्रों में बसे देशों से आगे बढकर सभी के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। स्वराज ने कहा, इसलिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता हमारी विदेश नीति की प्राथमिकता है।

सहयोग को बढ़ावा देंगे भारत और वियतनाम
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को वियतनाम के विदेश मंत्री पाम बिन मिन के साथ बातचीत की और दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढाने के तरीकों पर चर्चा की। स्वराज दो देशों की यात्रा के पहले चरण में वियतनाम आई हुई हैं। यहां से वह कंबोडिया जाएंगी। स्वराज आसियान के इन दो प्रमुख देशों के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिहाज से चार दिन की यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘अपनी विस्तृत रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ बनाते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वियतनाम के विदेश मंत्री पाम बिन मिन ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की जहां व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई।’