स्तन कैंसर से जुड़े प्रोटीन की हुई पहचान

भाषा, ह्यूस्टन

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्रोटीन की पहचान की है जिसके तेजी से दूसरे अंगों तक फैलने वाले स्तन कैंसर से जुड़े होने के ठोस प्रमाण मिलते हैं। वैज्ञानिक इस प्रोटीन के जरिए भविष्य में इस घातक बीमारी के कारगर इलाज तलाश कर सकते हैं।      

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर वीबो ल्यू ने कहा कि जेडएमवाईएनडी 8 प्रोटीन के बढे हुए स्तर और स्तन कैंसर के मरीजों के जिंदा न बच पाने के बीच में संबंध है।      

पूर्व में हुए अनुसंधानों में देखा गया कि स्तन कैंसर की कोशिकाएं ऑक्सीजन की कमी या हाइपोक्सिक वातावरण में ज्यादा आक्रामक हो जाती हैं।      
हाइपोक्सिया इंड्यूसिबल फैक्टर (एचआईएफ) नामक प्रोटीन समूह हाइपोक्सिया के प्रति दी जाने वाली प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है और उन मागरें में फेरबदल करता है जो कैंसर की कोशिकाओं के फैलने और विकसित होने के लिए जिम्मेदार होता है।      

ल्यू ने कहा, ‘‘हमारा अनुसंधान दिखाता है कि जेडएमवाईएनडी 8 एक ऐसा नियंत्रक है जो स्तन कैंसर कोशिकाओं में एचआईएफ पर निर्भर सैकड़ों कैंसर कारकों को सक्रिय करता है।’’     

यह अध्ययन ‘क्लिनिकल इंवेस्टिगेशन’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।