सौरभ वर्मा ने जीता रूस ओपन खिताब

वार्ता, व्लादिवोस्टोक

आठवीं सीड भारत के सौरभ वर्मा ने जबरदस्त वापसी करते हुए गैर वरीय जापान के कोकी वतान्बे को रविवार को एक घंटे के संघर्ष में 18-21, 21-12, 21-17 से पराजित कर रूस ओपन टूर सुपर 100 बैडमिंटन टूर्नामेंट में पुरुष एकल खिताब जीत लिया। पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन सौरभ वर्मा इसके साथ ही यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। महिला वर्ग में रुत्विका शिवानी गाडे ने 2016 में यह खिताब जीता था। सौरभ का इस सत्र का यह पहला खिताब भी है।
मिश्रित युगल में रोहन कपूर और कुहू गर्ग की दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को फाइनल में रूस के व्लादीमीर इवानोव और कोरिया की मिन क्युंग किम के हाथों 37 मिनट में 19-21 17-21 से हार कर उपविजेता ट्रॉफी से संतोष करना पड़ा। चोटों से उबरकर वापसी कर रहे 25 वर्षीय सौरभ ने स्पोर्ट हॉल ओलंपिक में एक घंटे तक चले फाइनल में विश्व के 119वें नंबर के वतान्बे को पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए हराया। भारतीय खिलाड़ी का जापानी खिलाड़ी से यह यह पहला मुकाबला था।
विश्व के 65वें नंबर के खिलाड़ी सौरभ पहले गेम की शुरुआत में पिछड़ गए थे। जापानी खिलाड़ी ने 11-5 से बढ़त बना ली थी। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने वापसी करके स्कोर 11-12 किया। वतान्बे फिर 18-13 से आगे हो गए और उन्होंने यह गेम 21-18 से जीत लिया। दूसरे गेम में सौरभ ने अच्छी शुरुआत की और 7-3 से बढ़त बना ली और फिर वह 11-6 से आगे हो गए। सौरभ ने दूसरा गेम 21-12 से जीतकर मैच में 1-1 की बराबरी कर ली।
निर्णायक गेम में वतान्बे ने 9-3 और 11-7 से बढ़त बना ली लेकिन सौरभ ने धैर्य दिखते हुए विपक्षी खिलाड़ी को गलतियां करने के लिए मजबूर किया और अंक बटोरते हुए स्कोर 15-15 से बराबर कर दिया। सौरभ ने 17-17 के स्कोर पर लगातार चार अंक लेकर गेम, मैच और खिताब अपने नाम कर लिया। मिश्रित युगल में कुहू और रोहन की जोड़ी को दक्षिण कोरिया की मिन क्युंग किम और रूस के व्लादिमीर इवानोव की जोड़ी ने 21-19, 21-17 से हराकर खिताब से वंचित कर दिया।