सोची में मोदी का मंथन

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस यात्रा पूर्व की यात्राओं से इस मायने में अलग थी, क्योंकि इसमें राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ खुलकर अनौपचारिक बातचीत का अवसर था। एक महीने के भीतर ही मोदी का यह इस प्रकार का दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन था। 27-28 अप्रैल को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वुहान शहर में वह अनौपचारिक शिखर सम्मेलन कर चुके हैं। अनौपचारिक शिखर सम्मेलन का लाभ यह है कि संयुक्त वक्तव्य या समझौता के बंधनों से आजाद होने के कारण इसमें दो नेता कई मुद्दों पर एक दूसरे का विचार जान सकते हैं, जिनसे भविष्य के संबंधों का रास्ता निकलता है।

इसका महत्त्व इस मायने में भी है कि उन्होंने स्वयं मोदी को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था; वह भी चौथी बार रूस का राष्ट्रपति निर्वाचित होने के दो सप्ताह के भीतर। पुतिन ने कहा भी कि वे मोदी के साथ रूस की भविष्य की अहमियत, अपनी विदेश नीति, दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत से रिश्तों को मजबूती देने पर चर्चा करने करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने रवाना होने से पहले ही यह कहा था कि उनकी प्रस्तावित बातचीत से भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार युक्त रणनीतिक भागीदारी को और अधिक मजबूती मिलेगी।

शिखर वार्ता के बाद भी उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी अब विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंच गई है। पुतिन कुछ ही सप्ताह बाद नियमित बैठक के लिए भारत आने वाले हैं। जाहिर है, उस यात्रा के दौरान होने वाले समझौतों एवं जारी वक्तव्यों में इस अनौपचारिक शिखर वार्ता के परिणामों की झलक मिलेगी। इसमें दो राय नहीं कि दोनों की बातचीत में ईरान के साथ नाभिकीय समझौते से अमेरिका के अलग होने के बाद की परिस्थितियों, अफगानिस्तान और सीरिया में आतंकवाद, रूस द्वारा भारत में लगाई जाने वाली नाभिकीय परियोजनाओं और रक्षा संबंधों आदि पर बात हुई होगी।

किंतु इनमें रक्षा संबंध संभवत: सबसे ज्यादा चर्चा में आया। अमेरिकी संसद द्वारा पारित अमेरिका से शत्रुता रखने वाले देशों पर प्रतिबंधात्मक कानून के कारण न केवल रूस के उद्योगों एवं कंपनियों बल्कि रूसी कंपनियों के साथ काम करने वाली तृतीय विश्व के देशों की कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाये जा सकते हैं। भारत ने यह जानते हुए रूस के साथ रक्षा सौदा जारी रखने का फैसला किया है तो इसका महत्त्व समझा जा सकता है।