सीमा क्षेत्र की आबादी हमारी सामरिक शक्ति

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को देश की सामरिक ताकत बताते हुए कहा कि यह सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
गृहमंत्री ने सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रमों को लागू करने वाले फील्ड और राज्य स्तर के अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को विभिन्न विकास परियोजनाओं और उन्हें ज्यादा प्रभावशाली बनाए जाने के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, सीमावर्ती आबादी देश के लिए सामरिक ताकत की तरह है और यह सीमाओं को सुरक्षित बनाये रखने की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीमावर्ती गांवों में सामाजिक और आर्थिक ढांचागत सुविधाओं की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे इन लोगों का इन क्षेत्रों में रहना आसान बनेगा। इस आबादी को संपर्क, स्वच्छ पेयजल, स्कूल, अस्पताल और अन्य ढांचागत सुविधाएं उपलबध कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
सिंह ने कहा, केंद्र सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के लिए राज्यों को निरंतर मदद देता रहा है। वर्ष 2017-18 में इसके तहत 1,100 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गयी जबकि वर्ष 2015-16 में यह 990 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों के चहुमुखी विकास के लिए 61 गांवों को आदर्श गाँवों के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए केन्द्र सरकारों को 126 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त राशि भी जारी की जायेगी। प्रत्येक आदर्श गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक शिक्षा, सामुदायिक केंद्र, संपर्क सुविधा, जल निकासी और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराईाएगी।