सलमान को सजा

सलमान को सजा,

निस्संदेह, काला हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को 5 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना उनके एवं उनके चाहने वालों के लिए बहुत बड़ा धक्का है। यह फिल्म उद्योग के लिए भी चिंता का कारण है, क्योंकि सलमान की तीन फिल्में पूरी नहीं हुई है, जिनमें करीब 400 करोड़ रुपया दांव पर लगा है।

हालांकि जब सह आरोपित सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी किया गया और सलमान को दोषी ठहराया गया उसके बाद सजा होनी तो निश्चित थी।
बहरहाल, सलमान की ओर से उनके वकीलों ने सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटा दिया है, जिसमें उनकी जमानत अर्जी भी शामिल है।

चूंकि न्यायालय का फैसला है, इसलिए इस समय तो मानना होगा कि वह काला हिरण शिकार मामले में दोषी हैं। इसे हमारी न्यायिक प्रणाली की विडम्बना ही कहेंगे कि फैसला करीब साढ़े 19 वर्ष बाद आया।
 
यह बात बार-बार उठाई जा रही है कि न्याय में विलंब की स्थिति समाप्त हो। लेकिन ऐसा हो नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सलमान खान पर जोधपुर में चार मुकदमे किए गए थे। एक मामले में उन्हें निचली अदालत से 5 वर्ष की सजा सुनाई गई मगर उच्च न्यायालय से वे बरी हो गए। एक अन्य मामले में एक साल की सजा हुई, जिसे उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया।

ये दोनों मामले सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। एक अन्य मामले में तो उन्हें निचले न्यायालय ने ही निर्दोष करार दे दिया किंतु राज्य सरकार ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील किया हुआ है।

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह देश का सबसे चर्चित मामला है। पता नहीं अंत में सलमान खान इन चारों मामले में बरी होते हैं या उनको सजा मिलती है परंतु इसका संदेश है कि हम किसी भी कारण से वन्य जीवों का शिकार न करें। केवल कानून के भय से ही नहीं, उन जीवों का पर्याप्त संख्या में जीवित रहना पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अपरिहार्य है। सलमान खान को शिकार करते वक्त इसके खिलाफ कठोर कानूनों का पता था या नहीं, कहना कठिन है।
 
मगर इतने वर्षो में उन्हें मुकदमे का जिस तरह सामना करना पड़ा है और कुछ समय जेल में भी गुजारना पड़ा है, उसके बाद देश के एक-एक व्यक्ति को यह पता चल गया होगा कि वन्य जीवों का शिकार एक बड़ा अपराध है। हालांकि वन्य जीवों का शिकार एक बड़े अपराध के रूप में हमारे यहां विद्यमान है और इसको रोकना कानूनी एजेंसियों के लिए कठिन हो गया है।