सरकारी छात्रावासों के लिए गाइडलाईन बनायेगा आयोग

वार्ता, सागर

मध्य प्रदेश के सागर जिले के डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में छात्रावासी छात्राओं की चेकिंग के मामले को राज्य महिला आयोग ने दुर्भाज्ञपूर्ण बताया है।

आयोग की अध्यक्ष लता वानखेडे कल विश्वविद्यालय स्थित नवीन कन्या छात्रावास पहुंची। वहां उन्होंने वार्डन के निर्देश पर केयरटेकर की चेकिंग से प्रभावित 28 छात्राओं से बातचीत की। वानखेडे ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि आयोग में वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब सरकारी कन्या छात्रावासों में गाइडलाइन भी आयोग तैयार करेगा।

छात्रावास की कुछ छात्राओं ने कुलपति के निवास पहुंच कर आपबीती सुनाई थी, जिस पर कुलपति आर पी तिवारी ने छात्राओं से मौके पर ही माफी मांगी थी। केयरटेकर इंदु को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के निर्देश जारी कर दिए थे। छात्रावास के टॉयलेट में सैनेटरी नैपकिन पाये जाने पर केयरटेकर की शिकायत के बाद वार्डन चंदा बैन ने फाइन लगाने की चेतावनी दी थी। जब छात्राएं फाइन देने को तैयार नहीं हुईं तो उनकी पीरियड की जांच करा दी गई थी।