संविधान को खत्म करने की बड़ी साजिश रच रही भाजपा : मायावती

आईएएनएस/आईपीएन, लखनऊ

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि कर्नाटक में विधानसभा के नतीजे आने के बाद कांग्रेस, जेडी-एस व बसपा गठबंधन के पास बहुमत होने के बावजूद बहुमत से दूर भाजपा के येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के पद की शपथ दिलाया जाना अति निंदनीय है।

मायावती ने भाजपा को लोकतंत्र की हत्या करने वाली पार्टी करार देते हुए कहा कि भाजपा व इनके खास संगठन आरएसएस द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बनाए गए संविधान को कमजोर करने व इसे खत्म करने की बहुत बड़ी साजिश रची जा रही है।

बसपा प्रमुख ने आईपीएन को भेजे अपने बयान में कहा कि इस प्रकरण से यह बात भी पूरे साफ तौर से स्पष्ट हो जाती है कि भाजपा व इनका मार्गदर्शक संगठन आरएसएस न तो अपने देश के भारतीय संविधान में और न ही इसमें निहित लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है।

उन्होंने कहा, "ऐसे हालात में हमारी पार्टी सुप्रीम कोर्ट से विशेष आग्रह करती है कि वह अपने देश के संविधान को व इसमें निहित लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने में अपनी अहम भूमिका निभाए।"

मायावती ने कहा कि देश की आमजनता को पूरा भरोसा है कि न्याय की जीत जरूर होगी और भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा एक के बाद एक लगातार की जा रही लोकतंत्र की हत्या पर विराम लगेगा।

बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अगर सोचते हैं कि वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होकर अपने काले कारनामों को छिपाने में कामयाब हो गए, तो यह उनकी बड़ी भूल है। इन्होंने अपने कृत्यों से देश के पवित्र संविधान व स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था को आघात पहुंचाने का जो पाप किया है, वह कभी भी माफ नहीं किया जा सकता और जनता भी इसका संज्ञान लिए बिना नहीं रहने वाली है।

मायावती ने कांग्रेस को सलाह दी है कि भविष्य में वह किसी भी चुनाव में अपनी चुनावी जनसभाओं में ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करे, जिससे उल्टे भाजपा-आरएसएस को ही फायदा पहुंच जाए।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस ने अपने भाषणों में खासकर मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में जेडी-एस को भाजपा की 'बी' टीम बताकर इनके वोटों को और बांट दिया, जिसकी वजह से ऐसे क्षेत्रों में भी अधिकांश भाजपा उम्मीदवार कामयाब हो गए।

मायावती ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी ने ऐसा नहीं किया होता, तो इस चुनाव में भाजपा विधायकों की संख्या 104 भी नहीं हो पाती।