संजय दत्त के गोद लेने से चमकेगी ननिहाल चिलबिला की तस्वीर

वार्ता, इलाहाबाद

बालीवुड अभिनेता संजय दत्त के अपने ननिहाल के गांव चिलबिला को गोद लेने की इच्छा जताने से स्थानीय ग्रामीण भाव-विभोर हो गये।

संजय भले ही अपनी नानी के गांव उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद की मेजा तहसील के उरवा ब्लाक के चिलबिला कभी न आए हों लेकिन, उन्हें अपनी नानी जद्दन बाई का गांव याद है। उन्होंने शनिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर चिलबिला को गोद लेने की इच्छा जताई तो गांव वाले निहाल हो गए। गांव में मस्तान साहब की मजार पर जद्दन बाई का जाना, संजय दत्त के पिता सुनील दत्त के प्रयास से गांव में बना अस्पताल, मुहर्रम पर संजय दत्त की मां नरगिस दत्त का गांव आते रहना रविवार को चिलबिला में हर जुबां पर चर्चा में आ गया।

मुख्यालय से 42 किलोमीटर दूर चिलबिला से जद्दनबाई का गहरा नाता रहा है। ब्रितानी हुकूमत के दौरान चिलबिला गांव नृत्य कला एवं मनोरंजन का बड़ा केंद्र था। यहां रहने वाले सारंगी मियां नृत्य कला के एक बड़े प्रशिक्षक थे। जद्दनबाई के बचपन का नाम दलीपा था, वह बचपन में अपने परिवार को छोड़ नृत्यकला सीखने सारंगी मियां के पास आ गई थीं। बाद में सारंगी मियां ने उन्हें गोद ले लिया था। आगे चलकर वह बड़ी नृत्यांगना बनीं और मुंबई पहुंच गईं। उनकी बेटी नरगिस फिल्म जगत की मशहूर अभिनेी रहीं। अभिनेता सुनील दत्त से विवाह होने के बाद भी नरगिस कई साल तक मुहर्रम पर चिलबिला आती थीं और अपने मकान में रहती थीं।

गांव के पूर्व प्रधान एवं संजय दत्त के फुफेरे भाई इसरार अली उर्फ गुड्डू भाई ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में बताया कि जब गांव के लोगों को पता चला कि संजय दत्त लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर चिलबिला गांव को गोद लेंगे तो गांव के लोग आलादित हो उठे। उन्होनें ने भी यह महसूस किया कि चिलबिला का चतुष्कोणीय विकास होगा। उन्होंने बताया कि गांव के बुजुर्गों में भी खुशी का माहौल है।