श्याओमी भारत में खोलेगी स्मार्टफोन की 3 नई फैक्टरियां

आईएएनएस , नई दिल्ली

चीनी कंपनी 'श्याओमी' ने भारत में स्मार्टफोन की तीन नई फैक्टरियां लगाने की घोषणा की है। कंपनी का दावा है कि स्मार्टफोन की इन फैक्टरियों के लगने से भारत में 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त निवेश होगा और 50,000 लोगों को नौकरियां मिलेंगी। यहां आयोजित तीन दिवसीय 'श्याओमी सप्लायर इन्वेस्टमेंट

समिट' के पहले दिन सोमवार को उद्घाटन पर कंपनी की ओर से कहा गया कि आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में स्मार्टफोन बनाने वाले संयंत्र स्थापित होने के बाद भारत में श्याओमी के कुल छह स्मार्टफोन विनिर्माण संयंत्र हो जाएंगे।

कंपनी ने कहा कि पिंट्रेड सर्किट बोर्ड असेंबली (पीसीबीए) का स्थानीय स्तर पर विनिर्माण के मकसद से श्याओमी ने फोक्सकॉन की साझेदारी में तमिलनाडु के श्रीपेरुं बुदूर में अपना पहला सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी (एसएमटी) संयंत्र लगाएगी। श्याओमी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में हिपैड टेक्नोलॉजी की साझेदारी में अपने पावर बैंक संयंत्र में भी स्मार्टफोन विनिर्माण कार्य शुरू किया है।

श्याओमी ग्लोबल के वाइस प्रेसिडेंट और श्याओमी इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) मंजु जैन ने कहा, "भारत के स्मार्टफोन उद्योग में श्याओमी एक उच्च गुणवत्ता व बेहतर डिजाइन वाला उत्पाद है, जो वाजिब कीमतों पर उपलब्ध है। हमने 2015 में 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के साथ जुड़कर भारतीय बाजार में अपनी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। आज हमारी यह प्रतिबद्धता तीन और मोबाइल बनाने वाली फैक्टरियां खोलने की घोषणा के साथ और गहरी हो गई है।"

उन्होंने आगे कहा, "साथ ही, हम यहां पीसीबीए के लोकल विनिर्माण को समर्पित अपना पहला एसएमटी संयंत्र लगाने जा रहे हैं। श्याओमी भारत में पीएसबीए का स्थानीय स्तर पर संयोजन की शुरुआत करने वाली अग्रणी कंपनियों में शुमार है। मेरा विश्वास है कि भारत को दुनिया में विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने में बड़ी भूमिका निभाने का हमारा प्रयास जारी रहेगा।"

कंपनी के मुताबिक, स्मार्टफोन की नई फैक्टरियां खुलने से भारत में 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त निवेश होगा और 50,000 लोगों को नौकरियां मिलेंगी।

समिट के उद्घाट पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, औद्योगिक नीति व प्रोत्साहन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिष्रेक इन्वेस्ट इंडिया के सीईओ दीपक बाग्ला, आंध्रप्रदेश के सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री लोकेश नारा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित कई अधिकारी व कारोबारी मौजूद थे।