शारदीय नवरात्र: ये है घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

समयलाइव डेस्क, नई दिल्ली

शक्ति की भक्ति का महापर्व शारदीय नवरात्र आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, तद्नुसार बुधवार से आरंभ होगा। बुधवार से देवी मां के नौ रूपों का पूजन किया जाएगा।

नवरात्र 10 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक है। इस वर्ष 9 दिन की नवरात्र है।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि घट स्थापना शुभ मुहूर्त में की जानी चाहिए। इस दिन प्रात: काल कन्या लग्न में प्रात: काल 6:06 से 07:25 तक और अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:36 से 12:24 तक घट स्थापना एवं देवी का पूजन किया जा सकता है।

10 अक्टूबर को प्रतिपदा और द्वितीया है द्वितीया तिथि का क्षय हो रहा है, इसलिए 10 अक्टूबर को प्रथम मां शैलपुत्री, द्धितीय मां ब्रहाचारिणी, 11 अक्टूबर को तृतीय मां चंद्रघण्टा, 12 अक्टूबर चतुर्थ मां कुष्मांडा, 13-14 अक्टूबर पंचमी मां स्कन्द माता पंचमी तिथि की वृद्धि हो रही है। 15 अक्टूबर षष्ठी मां कात्यानी देवी, 16 को सप्तमी मां कालरात्री, 17 को मां महागौरी और 18 को नवमी मां सिद्धीदात्री की उपासना करने का विधान है। 19 अक्टूबर को विजयदशमी है।

उन्होंने बताया कि महामाई की पूजा के लिए तिथि अनुसार इन वस्तुओं से पूजा करें:

प्रथम- गो घृत (आरोग्य की प्राप्ति), द्धितीय- शक्कर (दीर्घायु की प्राप्ति), तृतीय- दूध (दुखों की निवृत्ति), चतुर्थ- मालपूआ (निर्णय शक्ति का विकास), पंचम- केले (बुद्धि का विकास), षष्ठी- मधु (आकर्षण और सुन्दरता), सप्तमी- गुड़ (शोकमुक्ति और विपत्तियों से रक्षा), अष्ठमी- नारियल (हर प्रकार की पीड़ा का शमन), नवमी- धान (लोक परलोक का सुख), दशमी- काले तिल (भय से मुक्ति) से पूजा करें।