वालमार्ट ने फ्लिपकार्ट को खरीदा

एजेंसियां, नई दिल्ली

अमेरिकी खुदरा कंपनी वालमार्ट ने बुधवार को कई दिनों की अटकलों को विराम देते हुए प्रमुख भारतीय आनलाइन परिचालक फ्लिपकार्ट की 77 फीसद हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की। यह सौदा 16 अरब डालर यानी करीब 1.05 लाख करोड़ रुपए में हुआ है। वालमार्ट का यह अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण होने के साथ ई-कामर्स क्षेत्र का सबसे बड़ा सौदा है।

इस सौदे से वालमार्ट को भारत के ई - कामर्स बाजार में प्रवेश मिलेगा। इस सौदे के तहत कंपनी के सह संस्थापक सचिन बंसल और साफ्टबैंक फ्लिपकार्ट से बाहर निकल जाएगी। इस सौदे में 11 साल पुरानी फ्लिपकार्ट का कुल मूल्य 20.8 अरब डालर आंका गया है। यह देश में इस साल का अब तक का सबसे बड़ा विलय एवं अधिग्रहण सौदा है।

वालमार्ट ने जारी बयान में कहा, ‘वालमार्ट के निवेश में दो अरब डालर का नया निवेश शामिल है जिससे भविष्य में फ्लिपकार्ट की वृद्धि तेज होगी।’ कंपनी ने कहा कि वे अतिरिक्त संभावित खरीदारों से भी बातचीत कर रहे हैं जो निवेश से जुड़ सकते हैं। इससे वालमार्ट की हिस्सेदारी कुछ कम हो सकती है पर वह बहुलांश हिस्सेदार बनी रहेगी। गूगल की स्वामी कंपनी अल्फाबेट को भी संभावित निवेशक माना जा रहा है जो 15 फीसद तक हिस्सेदारी खरीद सकती है।

अलग-अलग ब्रांड रहेंगे : फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक बिन्नी बंसल 5.5 फीसद हिस्सेदारी बरकरार रखेंगे और निदेशक मंडल के चेयरमैन बनेंगे। कंपनी बेंगलुरू केंद्रित ही रहेगी अैर वालमार्ट के कृष अय्यर उसके सीईओ होंगे। वालमार्ट और फ्लिकार्ट अलग-अलग ब्रांड बने रहेंगे और इसका निदेशक मंडल भी अलग होगा जिसमें वालमार्ट के प्रतिनिधित्व के लिए बदलाव किया जाएगा। वालमार्ट ने कहा कि टैनसेंट होलिं्डग्स लि., टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट एलएलसी और माइक्रोसॉफ्ट कार्प फ्लिपकार्ट के शेयरधारक बने रहेंगे।

इस सौदे को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग एवं अन्य नियामकों की मंजूरी मिलनी शेष है और इसके इस साल बाद में पूरा होने की उम्मीद है। वालमार्ट को इस सौदे से सबसे तेजी से वृद्धि करती अर्थव्यवस्था में ई - कामर्स क्षेत्र में उतरने में मदद मिलेगी।

वालमार्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ डग मैकमिलन ने कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे आकषर्क खुदरा बाजार है। इसका आकार और वृद्धि दर एवं हमारा निवेश उस कंपनी के साथ भागीदारी का मौका है जो ई-कॉमर्स को बदलने में अग्रणी रही है।’ सचिन और बिन्नी पहले अमेजन डाट काम इंक में काम करते थे। उन्होंने किताबें बेचने से कंपनी की शुरुआत की थी।