वंशानुगत भी होता है ब्रेस्ट और गर्भाशय कैंसर

सहारा न्यूज ब्यूरो, नोएडा

किसी भी इंसान को कोई गंभीर बीमारी कभी भी हो सकती है। इसके लिए कुछ स्वाभाविक कारण जिम्मेदार होते हैं, तो कुछ पारिवारिक पृष्ठभूमि यानी वंशानुगत। ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है- स्तन या गर्भाशय कैंसर। आमतौर पर महिलाएं जब युवावस्था में होती हैं, तो वह इन बीमारियों के बारे में सोच भी नहीं सकती हैं।

लेकिन यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि अधिकांश लोग इस बात से अनजान हैं कि कैंसर की बीमारी वंशानुगत (जीन) भी होती है और यह किसी भी उम्र में हो सकती है। यानी अगर आपके परिवार में पहले कोई सदस्य कैंसर का मरीज रहा है तो इसकी संभावना है कि आगे की पीढ़ी में भी कोई इस खतरनाक रोग से पीड़ित हो सकता है। महिलाओं में स्तन कैंसर और गर्भाशय कैंसर वंशानुगत होने का खतरा रहता है। कुछ महिलाओं की जीन में इन रोग के खतरा ज्यादा होता है।

कितना जोखिम
अगर आपके परिवार में वंशानुगत तौर पर किसी को बीमारी हुई है या रही है तो इसकी 50 प्रतिशत संभावना है कि उनके बच्चे भी इससे पीड़ित हो सकते हैं। महिलाओं में बीआरसीए (ब्रेस्ट कैंसर ससेप्बिलिटी) जीन्स प्राय: स्तन कैंसर और गर्भाशय कैंसर के विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं। इनका जोखिम काफी होता है और कम उम्र में भी बीमारी होने की संभावना होती है। हालांकि सभी बीआरसीए जीन में बदलाव इसके लिए जिम्मेदार नहीं होती हैं।

क्या कर सकते हैं आप
महिलाओं में बीआरसीए-1 और बीआरसीए-2 दो सबसे महत्वपूर्ण जीन होते हैं जो वंशानुगत स्तन कैंसर और गर्भाशय कैंसर से जुड़े होते हैं। यह जीन शरीर में प्रोटीन का निर्माण करते हैं जो कोशिकाओं (सेल) को नष्ट होने से बचाते हैं। अगर इनमें से एक भी जीन में बदलाव होता है तो प्रोटीन बनने की जो प्रक्रिया है, वह कम हो जाती है या बंद हो जाती है।

शोध और अध्ययन के मुताबिक, जीन अकाउंट की अवस्था में स्तन कैंसर में बदलाव लगभग पांच प्रतिशत और गर्भाशय कैंसर में 10-15 प्रतिशत होता है। हालांकि सभी तरह के स्तन कैंसर या गर्भाशय कैंसर के लिए जीन यानी वंशानुगत होना जिम्मेदार नहीं होते हैं। कुछ मामलों में तो इसका निर्धारण भी नहीं किया जा सकता, इसलिए नियमित तौर पर जांच कराते रहना महत्वपूर्ण है। इन दोनों बीमारी को रोकने के लिए अभी तक कोई प्रामाणित विधि नहीं है लेकिन समय रहते पहले पता होने पर इसका इलाज किया जा सकता है।

बीआरसीए जीन में बदलाव की जांच उपलब्ध
पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर स्तन कैंसर या गर्भाशय कैंसर होने के खतरे के जोखिम का पहले ही पता लगाने के लिए ऑनकोडोना नामक जांच उपलब्ध है। जांच का परिणाम सकारात्मक आने पर उचित इलाज की आवश्यकता होती है। वैसी महिलाएं जिनके परिवार में स्तन कैंसर या गर्भाशय कैंसर का इतिहास रहा है, बीआरसीए जीन यानी वंशानुगत जांच बीमारी का पता लगाने में मददगार साबित हो सकता है। बीमारी का समय पर पता लगने से इलाज में आसानी होती है।